Kolkata News: केंद्र सरकार ने शुक्रवार को प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के सफल आंकड़े पेश किए। इस योजना के तहत अब तक 30 लाख लाभार्थियों का रजिस्ट्रेशन हो चुका है। इनमें से करीब 24.50 लाख से अधिक लोगों ने अपनी बेसिक स्किल ट्रेनिंग सफलतापूर्वक पूरी कर ली है।
केंद्रीय एमएसएमई मंत्री जीतन राम मांझी ने बताया कि इंडिया पोस्ट द्वारा 18.15 लाख आधुनिक टूलकिट वितरित किए जा चुके हैं। इसके अतिरिक्त 6.18 लाख विश्वकर्माओं को 5 फीसदी की रियायती ब्याज दर पर 5,297 करोड़ रुपये का ऋण उपलब्ध कराया गया है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 17 सितंबर 2023 को पारंपरिक शिल्पकारों और कारीगरों के सशक्तिकरण के लिए यह पहल शुरू की थी। कोलकाता के धोनों धान्यो ऑडिटोरियम में मंत्रालय ने योजना की तीसरी वर्षगांठ मनाई। इस दौरान कारीगरों की आजीविका और कौशल विकास को बढ़ावा देने पर चर्चा हुई।
पश्चिम बंगाल में योजना की तेज प्रगति और महिला सशक्तिकरण पर विशेष बल
कार्यक्रम के दौरान राज्य में पारंपरिक कारीगरों को ट्रेनिंग और वित्तीय मदद के महत्व पर जोर दिया गया। पश्चिम बंगाल में योजना के तहत अब तक सात लाख से अधिक आवेदन मिल चुके हैं। राज्य सरकार कारीगरों को सुविधाएं मुहैया कराने की प्रक्रिया को और तेज करेगी।
केंद्रीय राज्य मंत्री शोभा करंदलाजे ने लाभार्थियों को बधाई देते हुए सफल उद्यमी बनने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम राज्य के लिए खास महत्व रखता है। महिला उद्यमियों को सशक्त बनाना मजबूत समाज और विकसित भारत के निर्माण में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
जानिए योजना की पात्रता, जरूरी दस्तावेज और आवेदन की पूरी प्रक्रिया
योजना का लाभ लेने के लिए न्यूनतम आयु 18 वर्ष होनी चाहिए। इसके दायरे में बढ़ई, लोहार, सुनार, मोची और दर्जी समेत 18 पारंपरिक व्यवसाय शामिल हैं। परिवार का केवल एक सदस्य योजना का पात्र होगा और उसका सरकारी सेवा में न होना अनिवार्य शर्त है।
पात्र व्यक्ति पहचान पत्र, पैन कार्ड, बैंक पासबुक और मोबाइल नंबर के साथ कॉमन सर्विस सेंटर या आधिकारिक पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं। सत्यापन के बाद डिजिटल सर्टिफिकेट और आईडी कार्ड मिलता है। बेसिक और एडवांस ट्रेनिंग के दौरान 500 रुपये प्रतिदिन भत्ता भी दिया जाता है।
प्रशिक्षण पूरा करने के बाद लाभार्थी बिना गारंटी के 5 प्रतिशत ब्याज दर पर कुल तीन लाख रुपये तक का लोन प्राप्त कर सकते हैं। इसमें पहले चरण में एक लाख और दूसरे चरण में दो लाख रुपये का लोन व्यापार विस्तार के लिए दिया जाता है।