Dharamshala News: हिमाचल प्रदेश लोक निर्माण विभाग ने कांगड़ा और चंबा जिलों के 98 गांवों को पक्की सड़कों से जोड़ने की कवायद शुरू कर दी है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना-4 के दूसरे चरण में 250 से अधिक आबादी वाले इन गांवों को चिह्नित किया गया है। विभाग ने विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार करना शुरू कर दिया है।
विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक डीपीआर तैयार होने के बाद इसे राज्य तकनीकी एजेंसी को मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। वहां से तकनीकी हरी झंडी मिलने के उपरांत प्रस्ताव प्रदेश सरकार और अंतिम स्वीकृति के लिए केंद्र सरकार को भेजा जाएगा। केंद्र की मंजूरी मिलते ही सड़क निर्माण का काम जमीनी स्तर पर शुरू होगा।
चंबा के 77 और कांगड़ा के 21 गांव शामिल
सड़क नेटवर्क से जुड़ने वाले कुल 98 गांवों में सबसे ज्यादा 77 गांव दुर्गम चंबा जिले के हैं, जबकि कांगड़ा जिले के 21 गांवों को इसमें शामिल किया गया है। इन क्षेत्रों में पक्की सड़क पहुंचने से ग्रामीणों की रोजमर्रा की आवाजाही आसान होगी और क्षेत्र के आर्थिक विकास को नई रफ्तार मिलेगी।
सड़क निर्माण के लिए पूरी करनी होंगी तीन शर्तें
परियोजना के तहत सड़क निर्माण के लिए योजना के तय मानकों को पूरा करना अनिवार्य होगा। वन भूमि वाले हिस्सों के लिए वन संरक्षण कानून के तहत मंजूरी जरूरी होगी। इसके साथ ही निजी जमीन के मामलों में भूमि का लोक निर्माण विभाग के नाम ट्रांसफर होना आवश्यक है, तभी सड़क का रास्ता साफ होगा।
कांगड़ा जोन के मुख्य अभियंता विकास सूद ने बताया कि चिह्नित गांवों के लिए डीपीआर तैयार करने का काम मंडलों में तेजी से चल रहा है। डीपीआर को राज्य तकनीकी एजेंसी की जांच के बाद राज्य और केंद्र सरकार को भेजा जाएगा, ताकि समय रहते आवश्यक बजट और अंतिम मंजूरी हासिल की जा सके।