Kangra News: कांगड़ा जिले के प्रगतिशील किसान बलवीर सैणी ने खेती में एक शानदार मिसाल कायम की है। उन्होंने सिर्फ 65 दिन में छह कनाल जमीन से 10 क्विंटल माह (उड़द) की पैदावार हासिल की है। उनके इस सफल प्रयोग ने अब राज्य के कृषि विभाग का ध्यान भी अपनी ओर खींच लिया है।
धर्मशाला विधानसभा क्षेत्र के पटोला-कंद्रेहड़ गांव के रहने वाले बलवीर सैणी पारंपरिक खेती से अलग लगातार नए प्रयोग करते हैं। वे जैविक खेती और देसी बीजों के संरक्षण पर विशेष ध्यान देते हैं। इसके अलावा फसलों को कीटों से सुरक्षित रखने के लिए वे प्राकृतिक तकनीकों का उपयोग करते हैं, जो उनकी पहचान बन चुकी है।
बलवीर सैणी के इस सफल नवाचार की खबर जब कृषि विभाग तक पहुंची, तो शिमला में विभाग के सचिव सीपाल रासू ने भी उनकी सराहना की। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि इस प्रयोग को राज्य के अन्य किसानों तक पहुंचाया जाए। इससे बाकी किसान भी कम समय में दलहनी फसलों का बेहतर उत्पादन लेना सीख सकेंगे।
बलवीर सैणी इससे पहले भी खेती के क्षेत्र में कई अनूठे काम कर चुके हैं। उन्होंने गेहूं के पारंपरिक और जैविक बीजों के बचाव के साथ घीया, करेला और खीरा जैसी सब्जियों को कीटों से बचाने के लिए फ्लाई कैचर तकनीक का इस्तेमाल किया है। उनका यह कदम अन्य किसानों के लिए प्रेरणादायक साबित हो रहा है।
छोटी जोत में कम समय के भीतर अधिक उत्पादन का यह तरीका किसानों की आय बढ़ाने में मददगार हो सकता है। अब कृषि विभाग सैणी के इन बेहतरीन प्रयोगों को प्रदेश भर के किसानों तक पहुंचाने की तैयारी में है। इससे आने वाले समय में राज्य में आधुनिक और जैविक खेती को बड़ा बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।