Rudraprayag News: केदारनाथ धाम की यात्रा सुरक्षा व्यवस्था के बीच एक बार फिर शुरू कर दी गई है। चीरवासा के पास क्षतिग्रस्त रास्ते से यात्रियों को 200-200 के जत्थों में सुरक्षित आगे भेजा जा रहा है। चीरवासा का लगभग 100 मीटर हिस्सा भूस्खलन के लिहाज से काफी संवेदनशील माना जा रहा है।
प्रशासन और बचाव दल की टीमें संवेदनशील इलाके पर लगातार पैनी नजर बनाए हुए हैं। बिना हेलमेट पहने किसी भी श्रद्धालु को इस खतरनाक डेंजर जोन से आगे बढ़ने की अनुमति नहीं दी जा रही है। अधिकारियों ने सभी तीर्थयात्रियों से यात्रा के दौरान अतिरिक्त सावधानी बरतने और दिशानिर्देशों का पालन करने की अपील की है।
दूसरी ओर बिहार में मानसूनी बारिश और नदियों के उफान से बाढ़ की स्थिति विकराल हो गई है। राज्य के 15 जिलों में करीब 49.67 लाख से अधिक आबादी प्रभावित हुई है। पांच प्रमुख नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। मौसम विभाग ने बिहार के 22 जिलों में यलो अलर्ट जारी किया है।
उत्तर प्रदेश में भी मौसम विभाग ने भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। प्रदेश के 72 जिलों में बारिश और जलभराव होने की आशंका है। इसके अलावा राजस्थान में 17 सितंबर तक बारिश का दौर जारी रहने की संभावना जताई गई है। प्रशासन ने सभी संबंधित विभागों को पूरी तरह मुस्तैद रहने का निर्देश दिया है।
हिमाचल प्रदेश के अधिकांश इलाकों में हल्की बारिश और पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन का खतरा बना हुआ है। हरियाणा के 8 जिलों में यलो अलर्ट जारी है, वहीं पंजाब के 18 जिलों में बारिश का अनुमान है। लगातार बारिश को देखते हुए मैदानी और पहाड़ी राज्यों में राहत कार्य तेजी से चलाए जा रहे हैं।