Shimla News: हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय (एचपीयू) के 57वें स्थापना दिवस पर शिक्षक संगठनों ने रुकी हुई पदोन्नति की मांग उठाई है। उन्होंने राज्य सरकार से करियर एडवांसमेंट स्कीम (सीएएस) के तहत प्रमोशन प्रक्रिया फिर शुरू करने का आग्रह किया। शिक्षक प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से इस विषय में हस्तक्षेप की अपील की है।
अधिसूचना के कारण अटकी है शिक्षकों की पदोन्नति
विश्वविद्यालयों और सरकारी कॉलेजों के हजारों शिक्षक लंबे समय से सीएएस पदोन्नति का इंतजार कर रहे हैं। शिक्षक संगठनों ने बताया कि सरकार की एक अधिसूचना के कारण यह प्रक्रिया रुक गई थी। इससे बड़ी संख्या में योग्य शिक्षकों को समय पर प्रमोशन का लाभ नहीं मिल पाया है।
शिक्षकों ने कहा कि उच्च शिक्षा में करियर विकास और शिक्षकों का मनोबल बढ़ाने के लिए पदोन्नति बहाल होना जरूरी है। लंबे समय से लंबित प्रमोशन के कारण शिक्षकों में असंतोष बढ़ रहा है। अगर यह स्थिति बनी रही तो इसका बुरा असर पूरे प्रदेश की शैक्षणिक व्यवस्था पर पड़ सकता है।
शैक्षणिक माहौल सुधारने के लिए सकारात्मक फैसले की मांग
स्थापना दिवस कार्यक्रम में संगठनों ने शिक्षकों की समस्याओं को प्रमुखता से रखा। उन्होंने कहा कि सीएएस के तहत पदोन्नति शिक्षकों के अनुभव, योग्यता और सेवा अवधि के आधार पर मिलती है। यह उनके पेशेवर विकास के लिए बहुत महत्वपूर्ण मानी जाती है।
शिक्षक प्रतिनिधियों ने कहा कि बेहतर शैक्षणिक माहौल बनाने के लिए सरकार को लंबित मांगों पर जल्द सकारात्मक कदम उठाना चाहिए। उन्होंने मुख्यमंत्री सुक्खू से उम्मीद जताई है कि सरकार इस मुद्दे का समाधान निकालेगी। एचपीयू राज्य का प्रमुख उच्च शिक्षण संस्थान है जहां से जुड़े शिक्षक यह मांग कर रहे हैं।