हिमाचल प्रदेश के स्कूलों में हटेगा जाति का कॉलम, मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने दिए निर्देश

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Shimla News: हिमाचल प्रदेश सरकार ने सामाजिक समानता को बढ़ावा देने के लिए बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने अगले शैक्षणिक सत्र से स्कूल एडमिशन फॉर्म से जाति का कॉलम हटाने के निर्देश दिए हैं। हालांकि सरकारी योजनाओं के लाभ के लिए जाति का विवरण देना जरूरी रहेगा।

मुख्यमंत्री ने हिमाचल प्रदेश अनुसूचित जाति कल्याण बोर्ड की बैठक की अध्यक्षता करते हुए यह निर्णय लिया। उन्होंने कहा कि सरकार समाज में जाति आधारित भेदभाव खत्म करने और भाईचारा बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है। एडमिशन फॉर्म से यह कॉलम हटाना इसी दिशा में एक प्रभावी कदम साबित होगा।

सुक्खू ने साफ किया कि अनुसूचित जाति वर्ग के छात्रों को छात्रवृत्ति और योजनाओं का लाभ लेने के लिए विवरण देना होगा। सरकार इस समुदाय के उत्थान के लिए कई योजनाएं चला रही है। राजीव गांधी स्टार्ट-अप स्वरोजगार सौर योजना के तहत परियोजनाओं के लिए सब्सिडी दी जा रही है।

राज्य सरकार मेधावी छात्रों को उच्च शिक्षा के लिए मात्र 1 प्रतिशत ब्याज दर पर 20 लाख रुपये तक का लोन दे रही है। इसके अलावा ‘अपना परिवार सुखी परिवार योजना’ के तहत गरीब परिवारों को 300 यूनिट फ्री बिजली और महिलाओं को 1,500 रुपये प्रति माह पेंशन मिलेगी।

सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री धनीराम शांडिल ने बताया कि चालू वित्त वर्ष में उनके विभाग ने विभिन्न उत्थान योजनाओं के लिए 315 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं। वहीं अनुसूचित जाति विकास कार्यक्रम के तहत 1,105 करोड़ रुपये का विशेष बजट फंड रखा गया है।

Mohit
Mohit
पत्रकारिता के क्षेत्र में 9 सालों का अनुभव।

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