Shimla News: हिमाचल प्रदेश विधानसभा के मॉनसून सत्र के दौरान राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत को लेकर सियासी घमासान बढ़ गया है। नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का नोटिस दिया है। उन्होंने मुख्यमंत्री पर सदन के भीतर प्रदेश के 75 लाख लोगों के प्रतिनिधियों के खिलाफ गलत बयान देने का आरोप लगाया।
जयराम ठाकुर का आरोप है कि मुख्यमंत्री ने सत्र से पहले वंदेमातरम न गाने का संदेश दिया था। हालांकि सत्र के शुभारंभ पर सभी सदस्यों ने राष्ट्रगान का सम्मान किया। उन्होंने कहा कि अध्यक्ष के आसन संभालने के बाद वंदेमातरम और राष्ट्रगान दोनों का गायन हुआ। विपक्ष ने वीडियो फुटेज मिलने के बाद अपने ऊपर लगे आरोपों को पूरी तरह खारिज कर दिया।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि यदि उनके किसी सदस्य ने राष्ट्रगान का अपमान किया है, तो वे स्वयं कार्रवाई की मांग करेंगे। जयराम ठाकुर ने कहा कि यदि मुख्यमंत्री सार्वजनिक रूप से माफी मांग लेते हैं, तो विपक्ष इस मुद्दे को यहीं छोड़ देगा। लेकिन मुख्यमंत्री कानून से ऊपर नहीं हैं और माफी न मिलने पर विपक्ष कानूनी विकल्पों पर भी विचार करेगा।
बिना नाम लिए मंत्री जगत सिंह नेगी पर हमला बोलते हुए जयराम ठाकुर ने कहा कि सत्ता पक्ष के नेता कुतर्क कर रहे हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि कांग्रेस शासित राज्यों में राष्ट्रगीत से परहेज क्यों किया जाता है। इसके साथ ही उन्होंने आउटसोर्स भर्ती में अपने चहेतों को लाभ पहुंचाने का आरोप लगाते हुए सरकार की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े किए।
दूसरी ओर, राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने पलटवार करते हुए कहा कि भाजपा कैमरे की तकनीकी स्थिति का फायदा उठाकर जनता को गुमराह कर रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कैमरा केवल अध्यक्ष पर केंद्रित था, इसलिए विपक्ष द्वारा किया गया व्यवधान उसमें दिखाई नहीं दिया। वीडियो में व्यवधान न दिखना इस बात का सबूत नहीं है कि हंगामा हुआ ही नहीं था।