Shimla News: हिमाचल प्रदेश में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत बनने वाली सड़कों का काम अब पूरी तरह डिजिटल होगा। केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय ने ई-बीओक्यू, ई-एमबी और ई-बिलिंग प्रणाली को अनिवार्य कर दिया है। केंद्र सरकार ने राज्य को यह नई व्यवस्था 30 सितंबर तक हर हाल में लागू करने के कड़े निर्देश दिए हैं।
तय समय पर व्यवस्था लागू न होने पर रुक सकता है फंड
केंद्र सरकार ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि तय समय पर ऑनलाइन व्यवस्था शुरू नहीं हुई तो मिलने वाला बजट रोका जा सकता है। पीएमजीएसवाई के सभी प्रोजेक्ट्स अब इसी पारदर्शी व्यवस्था के तहत संचालित होंगे। पीएमजीएसवाई-4 बैच-1 के लिए डीपीआर तैयार करने का काम भी तेज गति से चल रहा है।
डीपीआर की जांच से पहले अधिशासी अभियंता को जिम्मेदार अधिकारी की तैनाती करनी होगी। बीओक्यू बनाते समय केवल वास्तविक मात्रा ही दर्ज की जाएगी। केंद्रीय स्तर से बीओक्यू की अंतिम मंजूरी मिलने के बाद उसमें किसी भी तरह का बदलाव संभव नहीं होगा, जिससे निर्माण प्रक्रिया पारदर्शी बनी रहेगी।
ऑनलाइन तकनीकी मंजूरी के बाद सीधे जारी होंगे टेंडर
स्वीकृत बीओक्यू के आधार पर डिजिटल तकनीकी मंजूरी मिलेगी और इसे सीधे ई-टेंडरिंग के लिए भेजा जाएगा। इस पूरी प्रक्रिया से सभी निर्माण कार्यों में एकरूपता और तेजी आएगी। लोक निर्माण विभाग ने पहले से आवंटित कार्यों के बीओक्यू को भी ऑनलाइन पोर्टल पर अपलोड करने के आदेश दिए हैं।
लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता नरेंद्र पाल सिंह ने बताया कि अधिकारियों को आवश्यक तकनीकी प्रशिक्षण पहले ही दिया जा चुका है। विभाग ने सभी कार्य इकाइयों को 30 सितंबर तक नई डिजिटल प्रणाली को पूरी तरह सक्रिय करने के निर्देश दिए हैं ताकि विकास कार्यों में कोई रुकावट न आए।