Chamba News: चंबा-भरमौर नेशनल हाईवे पर भारी बारिश और लैंडस्लाइड के खौफनाक मंजर के बीच एनएचएआई कर्मचारियों ने मिसाल पेश की है। कर्मचारियों ने अपनी जान जोखिम में डालकर ऑक्सीजन सपोर्ट पर मौजूद सात महीने के बीमार मासूम शिशु को सुरक्षित निकालकर समय पर अस्पताल पहुंचाया।
लैंडस्लाइड से रास्ते बंद, एनएचएआई की मुस्तैदी
चंबा जिले में 23 जुलाई की सुबह से ही मूसलाधार बारिश का दौर जारी था। बारिश के चलते चंबा-भरमौर राष्ट्रीय राजमार्ग जगह-जगह लैंडस्लाइड की चपेट में आ गया। कई मुख्य सड़कें पूरी तरह ठप हो गईं। सड़क सुरक्षा में जुटी एनएचएआई की पेट्रोलिंग टीम दिन-रात बहाली और लोगों की सुरक्षा में लगी रही।
इसी बीच एक बेहद संवेदनशील स्थिति उत्पन्न हुई, जब 7 महीने का एक बीमार बच्चा ऑक्सीजन सपोर्ट पर था। लैंडस्लाइड के कारण दोनों तरफ का रास्ता बंद होने से एंबुलेंस फंस गई। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए एनएचएआई की टीम ने बिना देर किए अपने पेट्रोलिंग वाहन से मासूम और उसके परिजनों को अस्पताल पहुंचाया।
विधायक ने एनएचएआई पेट्रोलिंग टीम की तारीफ की
जनजातीय क्षेत्र भरमौर के विधायक, जो शिमला स्थित आईजीएमसी में जाने-माने सर्जन रहे हैं, उन्होंने एनएचएआई टीम की जमकर सराहना की। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों ने अपनी जान की परवाह किए बिना 7 महीने के मासूम बच्चे की जान बचाई है। वे वास्तव में दिल से बधाई के पात्र हैं।
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में देखा जा सकता है कि लगातार गिरते पत्थरों और खतरनाक परिस्थितियों के बावजूद कर्मचारी डटे रहे। एनएचएआई के जांबाजों ने बहाली का काम जारी रखते हुए मलबे को हटाया और हाईवे पर फंसे यात्रियों को सुरक्षित रास्ता मुहैया कराया।