New Delhi News: भारत में किडनी ट्रांसप्लांट की मांग और डोनर की उपलब्धता के बीच अंतर गंभीर रूप ले चुका है। संसद में पेश स्वास्थ्य और परिवार कल्याण समिति की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, देश में कुल ट्रांसप्लांट की तुलना में वेटिंग लिस्ट में शामिल मरीजों की संख्या करीब पांच गुना ज्यादा है।
सरकारी मेडिकल कॉलेजों में ट्रांसप्लांट इंफ्रास्ट्रक्चर बढ़ाने की सिफारिश
संसदीय स्थायी समिति के मुताबिक 9 फरवरी तक 61,668 मरीज वेटिंग लिस्ट में दर्ज थे। समिति ने सिफारिश की है कि बड़े राज्यों के कम से कम तीन सरकारी मेडिकल कॉलेजों और छोटे राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों के एक कॉलेज में किडनी ट्रांसप्लांट की विशेष सुविधाएं तत्काल विकसित की जाएं।
अंगदान में महिला डोनर ज्यादा, पुरुष बन रहे रिसीवर
नोटो (NOTTO 2019-23) के आंकड़ों के अनुसार, अंगदान करने वालों में 63.8 फीसदी महिलाएं हैं, जबकि अंग प्राप्त करने वालों में 69.8 फीसदी पुरुष हैं। समिति ने इस बड़े जेंडर अंतर के पीछे के सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक कारणों की व्यापक स्तर पर जांच कराने की मांग उठाई है।
साल 2024 में 11,558 जीवित और 1,918 मृत डोनरों से ट्रांसप्लांट हुए। आंकड़े जीवित डोनरों पर अत्यधिक निर्भरता दर्शाते हैं। समिति ने मृत व्यक्ति से कम अंगदान के लिए सामाजिक भ्रम, जागरूकता की कमी और सीमित इंफ्रास्ट्रक्चर को जिम्मेदार मानते हुए जागरूकता अभियान चलाने और सुविधाएं तमिलनाडु, दिल्ली व महाराष्ट्र से आगे बढ़ाने पर जोर दिया।