Delhi News: सावन के महीने में कई लोग नॉन-वेज खाने से परहेज करते हैं, जिससे बाजारों में मांस की बिक्री घट जाती है। इस दौरान कई बार लोग अनजाने में बासी चिकन या मटन खरीद लेते हैं। बासी मांस खाने से सेहत को गंभीर नुकसान पहुंच सकता है और व्यक्ति बीमार पड़ सकता है।
बासी मांस खाने से सेहत को हो सकते हैं गंभीर नुकसान
बासी या कम पका मांस खाने से स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं हो सकती हैं। बासी मीट में साल्मोनेला और ई-कोलाई जैसे नुकसानदेह बैक्टीरिया पनपने लगते हैं। इनसे फूड पॉइजनिंग, पेट दर्द, उल्टी, दस्त और डिहाइड्रेशन की शिकायत हो सकती है। गंभीर मामलों में मरीज को अस्पताल में भर्ती भी कराना पड़ सकता है।
ताजे और बासी मीट की पहचान इसके रंग से की जा सकती है। ताजा चिकन या मटन हल्का गुलाबी या लाल रंग का होता है। यदि मांस का रंग भूरा, काला, ग्रे या हरा दिखने लगे, तो इसका मतलब है कि मीट बासी हो चुका है और इसे नहीं खरीदना चाहिए।
गंद और बनावट से करें सही गुणवत्ता की पहचान
ताजे मीट में से सामान्य प्राकृतिक गंध आती है। यदि चिकन या मटन से तेज बदबू, खट्टी या अजीब गंध आ रही हो, तो वह खराब हो चुका है। इसके अलावा मीट को दबाकर देखने पर यदि वह तुरंत पुरानी स्थिति में लौट आए, तो वह ताजा है। अत्यधिक चिपचिपा या लिसलिसा मीट बासी होता है।
मीट में हल्की नमी होना सामान्य है, लेकिन अगर पैकेट या ट्रे में ज्यादा पानी जमा दिख रहा हो तो सावधान रहें। मांस से लगातार पानी का रिसाव होना उसके खराब होने का संकेत है। इसलिए नॉन-वेज खरीदते समय इन बातों का ध्यान रखें और हमेशा अच्छे से पकाकर ही खाएं।