Ottawa News: बाइपोलर विकार एक गंभीर मानसिक बीमारी है, जिसमें इंसान के मूड, ऊर्जा और गतिविधियों में अचानक भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिलते हैं। इस बीमारी के सटीक इलाज और बेहतर प्रबंधन के लिए शोधकर्ताओं ने 116 अलग-अलग उपचारों पर आधारित 77 मेटा-विश्लेषणों की व्यापक समीक्षा की है, जिसे द ब्रिटिश मेडिकल जर्नल में प्रकाशित किया गया है।
बाइपोलर विकार के लिए EBI-BD प्लेटफॉर्म तैयार
कनाडा के ओटावा अस्पताल सहित स्पेन, इटली, फ्रांस और यूके के वैज्ञानिकों ने मिलकर ‘EBI-BD’ नामक एक ओपन एक्सेस वेब प्लेटफॉर्म विकसित किया है। यह डिजिटल टूल प्रत्येक इलाज के प्रभाव, साइड इफेक्ट्स और वैज्ञानिक साक्ष्यों की पूरी जानकारी डॉक्टरों और मरीजों को उपलब्ध कराता है। इससे बीमारी के हर चरण में सही दवा चुनने में बड़ी मदद मिलेगी।
आयु वर्ग के अनुसार असरदार दवाओं की सूची
रिसर्च के अनुसार, वयस्कों में बाइपोलर डिप्रेशन के लिए कैरिप्राजीन, फ्लूक्सेटीन और लुरासिडोन जैसी दवाएं बेहद प्रभावी पाई गई हैं। वहीं, बच्चों और किशोरों के लिए लुरासिडोन और ओलांजापिन के साथ फ्लूक्सेटीन का संयोजन बेहतर परिणाम देता है। उन्माद यानी मेनिया के लक्षणों को नियंत्रित करने के लिए एरिपिप्राजोल, लिथियम और रिस्पेरिडोन का इस्तेमाल असरदार साबित हुआ है।
डॉक्टर और मरीज मिलकर ले सकेंगे सही फैसला
स्पेन के बार्सिलोना यूनिवर्सिटी के शोधकर्ता डॉ. मिशेल डी प्रिस्को के अनुसार, इस नए प्लेटफॉर्म के जरिए डॉक्टर और मरीज एक साथ मिलकर सही इलाज चुन सकते हैं। यह टूल मरीज की व्यक्तिगत जरूरतों और दवाओं के दुष्प्रभावों के बीच बेहतर संतुलन बनाने में मदद करता है। इस रिसर्च के आधार पर अंतरराष्ट्रीय इलाज गाइडलाइंस को भी अपडेट किया जा रहा है।
दुनिया की पहली ‘लिविंग अम्ब्रेला रिव्यू’ प्रणाली
यूके की साउथेम्प्टन यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर डॉ. सैमुएल कोर्टेस का कहना है कि यह पहली ‘लिविंग अम्ब्रेला रिव्यू’ है, जो रियल टाइम में नए साक्ष्यों के साथ अपडेट होती रहेगी। अब विशेषज्ञों को नए इलाज की जानकारी के लिए महीनों इंतजार नहीं करना पड़ेगा, बल्कि वे बैठक के दौरान ही वेबसाइट पर लेटेस्ट रिसर्च देखकर तुरंत फैसला ले सकेंगे।