सरोगेट विज्ञापनों पर महाराष्ट्र एफडीए सख्त: कमिश्नर तुकाराम मुंडे बोले- प्रमोट करने वाले सेलेब्स और पूरी चेन जिम्मेदार

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Mumbai News: महाराष्ट्र एफडीए कमिश्नर तुकाराम मुंडे ने सरोगेट विज्ञापनों पर सख्त चेतावनी देते हुए कहा है कि प्रचार तंत्र से जुड़ा हर व्यक्ति जिम्मेदार है। एफडीए ने हाल ही में ‘विमल इलायची’ के विज्ञापन को लेकर शाहरुख खान, अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ को कारण बताओ नोटिस और अंतिम चेतावनी जारी की है।

एक इंटरव्यू में तुकाराम मुंडे ने कहा कि इस कैंपेन की जांच प्रतिबंधित उत्पाद के सरोगेट प्रमोशन के तौर पर हो रही है। उन्होंने साफ किया कि विज्ञापन बनाने, पब्लिश करने, स्पॉन्सर करने और एंडोर्स करने वाले सभी लोगों पर एफएसएसएआई के नियम लागू होते हैं और पूरी चेन जवाबदेह है।

शिकायत पोर्टल पर त्वरित समाधान और भ्रामक दावों पर एक्शन

कमिश्नर ने बताया कि एफडीए के नए पोर्टल को बेहतरीन रिस्पॉन्स मिला है। महज एक महीने में 9,000 से अधिक शिकायतें दर्ज हुईं, जिनमें से 8,000 से ज्यादा शिकायतों का समाधान किया जा चुका है। इस सिस्टम में ऑटो-जवाबदेही और ऑटो-एस्केलेशन जैसी आधुनिक सुविधाएं जोड़ी गई हैं ताकि त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित हो सके।

महाराष्ट्र में 2012 से गुटखा और पान मसाला पर पूर्ण प्रतिबंध लागू है। मुंडे के अनुसार, 2018 के खाद्य सुरक्षा और मानक नियमों के तहत कोई भी भ्रामक या अप्रत्यक्ष दावा अवैध है। नियमों का उल्लंघन करने वाले सभी पक्षों को नोटिस भेजकर कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।

प्रतिबंधित उत्पादों की तस्करी पर मकोका और मिलावट पर सख्ती

तस्करी और कालाबाजारी के जरिए प्रतिबंधित तंबाकू बेचने वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जा रही है। एफडीए उत्पादों के मुख्य स्रोत और कंपनी डायरेक्टर्स तक जांच कर रहा है। कमिश्नर ने स्पष्ट किया कि शहरी या ग्रामीण इलाके में निर्माण, प्रोसेसिंग या बिक्री करने वाले किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।

एफडीए अब संगठित अपराध कानून के प्रावधान भी लागू करने की तैयारी में है। इसके अलावा बेकरी, चाइनीज फूड और केक में तय सीमा से अधिक आर्टिफिशियल रंग और एडिटिव्स मिलाने वालों पर भी सख्त एक्शन शुरू हो चुका है। नागरिक पोर्टल के अलावा तय समय में सीधे कमिश्नर से मिल सकते हैं।

Desh Raj
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