Sirsa News: हरियाणा के सिरसा निवासी पूर्व सैनिक लाल चंद गोदारा ने 85 वर्ष की उम्र में उच्च शिक्षा हासिल कर मिसाल पेश की है। उन्होंने इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय से मास्टर ऑफ आर्ट्स की डिग्री पूरी की है। अब वह आगे पीएचडी या कानून की पढ़ाई करने की योजना बना रहे हैं।
लाल चंद गोदारा ने 76 वर्ष की उम्र में दोबारा पढ़ाई शुरू की थी। उनके पोते-पोतियों के सवालों ने अधूरी शिक्षा पूरी करने की नई प्रेरणा दी। पांच साल की मेहनत के बाद 81 वर्ष की उम्र में उन्होंने स्नातक पूरा किया। अब उन्होंने सफलतापूर्वक अपनी परास्नातक की डिग्री भी हासिल कर ली है।
सेना और रोडवेज में दी सेवाएं, खेलों में जीते पदक
गोदारा के बेटे डॉ. साहिब राम गोदारा ने बताया कि उनके पिता ने 2023 में स्नातक की पढ़ाई पूरी की थी। 20 साल से कम उम्र में ही वह सेना में भर्ती हो गए थे। इसके बाद उन्होंने हरियाणा परिवहन विभाग में यार्ड मास्टर के पद पर सेवाएं दीं और 2002 में सेवानिवृत्त हुए।
सेवानिवृत्ति के बाद गोदारा ने मास्टर्स एथलेटिक्स और विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं में भाग लेकर कई पदक भी अपने नाम किए। उन्हें युवावस्था से ही किताबें पढ़ने और डायरी लिखने का शौक था। घरेलू जिम्मेदारियों और कठिन परिस्थितियों के कारण उनकी औपचारिक शिक्षा बीच में ही छूट गई थी, जो अब पूरी हुई।
सीखने की कोई उम्र नहीं होती, शिक्षा सोच बदलती है
गोदारा का कहना है कि सीखने की ललक उम्र की सीमाओं में नहीं बंधती। सही शिक्षा व्यक्ति के जीवन का दायरा और सोचने का नजरिया व्यापक बनाती है। अपने परिवार और बच्चों से मिली प्रेरणा के दम पर उन्होंने साबित किया कि मजबूत इरादों के आगे उम्र केवल एक संख्या बनकर रह जाती है।
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