Shimla News: शिमला पुलिस ने साल 2026 में नशा तस्करी के खिलाफ अब तक का सबसे बड़ा एक्शन लिया है। पुलिस ने बैकवर्ड लिंकेज के जरिए 75 इंटरस्टेट ड्रग नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया है। इस दौरान अलग-अलग राज्यों से 59 मुख्य सप्लायर अरेस्ट किए गए हैं। यह पिछले तीन सालों की सबसे बड़ी कार्रवाई है।
शिमला के एसएसपी गौरव सिंह ने गुरुवार को बताया कि इस साल का रिकॉर्ड पिछले तीन सालों में सबसे ज्यादा है। साल 2025 में सिर्फ सात सप्लायर पकड़े गए थे और चार नेटवर्क टूटे थे। वहीं, साल 2024 में केवल दो नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ था। इस बार पंजाब, हरियाणा, यूपी, बिहार और केरल तक पुलिस पहुंची है।
शिमला के होटल में रेड, लुधियाना का सप्लायर गिरफ्तार
ताजा मामले में पुलिस ने सदर थाना शिमला में 15 जुलाई को एक एफआईआर दर्ज की थी। स्पेशल सेल ने सीक्रेट जानकारी मिलने पर एक होटल में रेड की। वहां से लुधियाना के सागर सिंह, आकाश और अंकित कुमार को 21 ग्राम हेरोइन यानी चिट्टा के साथ अरेस्ट किया गया। इन पर एनडीपीएस एक्ट के तहत केस बना।
इन आरोपियों से पूछताछ और मोबाइल फोन के डिजिटल डेटा से कई अहम राज खुले। कॉल डिटेल रिकॉर्ड और ऑनलाइन पेमेंट की जांच में मुख्य सप्लायर साहिल शर्मा का नाम सामने आया। आकाश ने साहिल को सात जुलाई को तीन हजार रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर किए थे। पुलिस को फोन में ड्रग्स डील की अहम ऑडियो रिकॉर्डिंग भी मिली।
इलेक्ट्रॉनिक सबूतों के आधार पर शिमला पुलिस की टीम पंजाब के लुधियाना गई। वहां से 18 जुलाई को सप्लायर साहिल शर्मा को उसके घर से अरेस्ट कर लिया गया। पुलिस इन्वेस्टिगेशन में पता चला है कि साहिल एक पुराना क्रिमिनल है। उस पर साल 2023 में चोरी और 2025 में स्नैचिंग के केस पहले से ही दर्ज हैं।
चिड़गांव पुलिस का एक्शन, अमृतसर का ड्रग सप्लायर अरेस्ट
नशा तस्करी का दूसरा मामला 20 जुलाई को चिड़गांव पुलिस थाने में दर्ज हुआ। पुलिस टीम ने गश्त के दौरान अमृतसर के रहने वाले मनिन्दर सिंह को पकड़ा। चेकिंग में उसके पास से 16 ग्राम हेरोइन बरामद हुई। पुलिस ने तुरंत उस पर एनडीपीएस एक्ट की धारा 21 और 29 के तहत एफआईआर दर्ज कर ली।
पूछताछ में मनिन्दर ने बताया कि उसने यह हेरोइन अमृतसर के सुखदीप सिंह उर्फ जैस गिल से खरीदी थी। इसके बाद पुलिस टीम सीधे अमृतसर पहुंची। मनिन्दर ने वह जगह भी बताई जहां 19 जुलाई को डील हुई थी। पुलिस ने लोकेशन पर जाकर सुखदीप को ढूंढ निकाला और उसके पास से एक ओप्पो स्मार्टफोन भी रिकवर किया।
सुखदीप के मोबाइल फोन में वही नंबर एक्टिव मिला, जो मनिन्दर ने पुलिस को बताया था। कॉल डिटेल रिकॉर्ड से भी दोनों के बीच कनेक्शन की पूरी पुष्टि हो गई। इन सभी टेक्निकल सबूतों के आधार पर पुलिस ने सुखदीप सिंह को भी एनडीपीएस एक्ट की धारा 29 के तहत अरेस्ट कर लिया। पुलिस मामले की जांच कर रही है।