Shimla News: हिमाचल प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री धनीराम शांडिल ने सोनम वांगचुक के अनशन समाप्त होने का स्वागत करते हुए कहा कि यह सकारात्मक कदम है। उन्होंने कहा कि पेपर लीक मामलों में प्रभावी कार्रवाई न होने से छात्रों का प्रदर्शन जारी है और आंदोलन पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है।
शांडिल ने प्रदर्शनकारी छात्रों पर हुए लाठीचार्ज की कड़े शब्दों में निंदा की। उन्होंने कहा कि केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा की सक्रियता अच्छा संकेत है। यदि समय पर दोषियों पर कार्रवाई होती, तो हालात इतने गंभीर न होते। देश के बच्चों के साथ बल प्रयोग के बजाय संवाद से समाधान निकालना चाहिए।
छात्रों के भविष्य और पारदर्शी कानून पर दिया जोर
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि बेरोजगारी की चुनौती के बीच पेपर लीक होने से योग्य अभ्यर्थी पिछड़ रहे हैं। अमेरिका सहित विदेशों में भी इस लाठीचार्ज की आलोचना हुई है। परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता लाने के लिए सख्त कानून बनाना जरूरी है ताकि युवाओं का भविष्य पूरी तरह सुरक्षित रह सके।
अपने छात्र जीवन को याद करते हुए उन्होंने कहा कि पहले बिना धांधली के निष्पक्ष परीक्षाएं होती थीं। आज की खामियों को दूर करना सभी जनप्रतिनिधियों की सामूहिक जिम्मेदारी है। शिक्षा का मुख्य मकसद युवाओं को ज्ञान और आत्मविश्वास से सशक्त बनाना है, इसलिए परीक्षा प्रणाली पर भरोसा होना आवश्यक है।
संसद में प्रधानमंत्री की उपस्थिति पर उठाए सवाल
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए शांडिल ने कहा कि ऐसे संवेदनशील और गंभीर मुद्दों पर उन्हें संसद में मौजूद रहना चाहिए। दो बार सांसद रह चुके शांडिल ने कहा कि संसद के बजाय वीडियो मैसेज देना उचित नहीं है। सरकार को लोकतांत्रिक तरीके से संवाद करके समाधान निकालना चाहिए।
धनीराम शांडिल ने उम्मीद जताई कि केंद्र सरकार इस पूरे घटनाक्रम से सबक लेगी। सरकार को भर्ती परीक्षा प्रणाली में आवश्यक सुधार करने होंगे। भविष्य में अभ्यर्थियों के हितों की रक्षा के लिए प्रभावी कदम उठाने होंगे ताकि युवाओं का भरोसा व्यवस्था पर पूरी तरह बना रहे।