Shimla News: हिमाचल प्रदेश पुलिस के ‘हिम उपस्थिति’ अटेंडेंस पोर्टल के क्रियान्वयन में बड़ी लापरवाही सामने आई है। पुलिस मुख्यालय की समीक्षा में पाया गया कि प्रदेशभर में पोर्टल का शत-प्रतिशत पालन नहीं हुआ है। डीजीपी अशोक तिवारी ने लापरवाही बरतने वालों पर सख्त विभागीय कार्रवाई की चेतावनी दी है।
डीजीपी ने 25 जुलाई तक मांगी स्टेटस रिपोर्ट
समीक्षा बैठक में सामने आया कि कई पुलिस अधिकारी और कर्मचारी या तो पोर्टल पर रजिस्टर्ड नहीं हैं या फिर वे रोजाना ऑनलाइन हाजिरी दर्ज नहीं कर रहे हैं। इस ढिलाई पर पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) अशोक तिवारी ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने सभी जिला और यूनिट हेड से 25 जुलाई तक पूरी रिपोर्ट तलब की है।
डीजीपी ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि आदेश का पालन न करने वाले कर्मचारियों पर कार्रवाई होगी। इसके साथ ही ढिलाई बरतने वाले और सही से निगरानी न रखने वाले सीनियर अफसरों के खिलाफ भी विभागीय एक्शन लिया जाएगा। पुलिस मुख्यालय ने मुख्यमंत्री के निर्देशों के बाद पोर्टल को 100 प्रतिशत लागू करने का आदेश दिया था।
सभी अफसरों और कर्मचारियों के लिए हाजिरी अनिवार्य
पुलिस मुख्यालय ने सभी यूनिट्स को सत्यापन के लिए कार्यालयवार रजिस्ट्रेशन का डेटा भेज दिया है। जारी आदेश के अनुसार, आईपीएस और एचपीएस अधिकारियों सहित हिमाचल पुलिस के सभी कर्मियों को सभी वर्किंग डेज पर पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन करना अनिवार्य होगा। साथ ही उन्हें नियमित रूप से ऑनलाइन अटेंडेंस दर्ज करानी होगी।
ढिलाई बरतने पर ऑफिस हेड की होगी सीधी जवाबदेही
डीजीपी के आदेश के मुताबिक अपने स्टाफ का रजिस्ट्रेशन और नियमित हाजिरी सुनिश्चित कराना संबंधित पुलिस ऑफिस हेड की व्यक्तिगत जिम्मेदारी होगी। अगर कोई कर्मचारी बिना रजिस्ट्रेशन के रहता है या जानबूझकर पोर्टल का उपयोग करने से बचता है, तो इसे गंभीर अनुशासनहीनता माना जाएगा।
समय पर रिपोर्ट न भेजने वाले कार्यालय प्रमुखों को काम में विफल माना जाएगा। ऐसे मामलों में जिम्मेदार कर्मचारियों के साथ-साथ सुपरवाइजरी अधिकारियों के खिलाफ भी सक्षम अथॉरिटी के समक्ष अनुशासनात्मक कार्रवाई की सिफारिश की जाएगी।