Beijing News: चीन ने गिरती आबादी को रोकने के लिए बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने टेक कंपनियों को ऐसे एआई चैटबॉट्स बनाने से रोक दिया है, जो यूजर्स को इमोशनली निर्भर बनाते हैं। अधिकारियों को डर है कि एआई पार्टनर असली रिश्तों को खत्म कर देंगे। एलन मस्क भी घटती आबादी पर चिंता जता चुके हैं।
एआई चैटबॉट्स पर प्रतिबंध के सख्त नियम और शर्तें
नए नियमों के अनुसार, इंसानों से दोस्ती करने वाले और आदत डालने वाले एआई चैटबॉट्स पर रोक है। बच्चों के साथ वर्चुअल रोमांटिक रिश्तों को भी पूरी तरह बैन किया गया है। अगर कोई यूजर इमोशनल क्राइसिस से जूझता दिखेगा, तो कंपनियों को तुरंत उसके इमरजेंसी कॉन्टैक्ट को अलर्ट करना होगा।
यह नया सरकारी नियम चीन की सभी एआई कंपैनियन सर्विसेज पर सख्ती से लागू होता है। इनमें अलीबाबा और टिकटॉक की पैरेंट कंपनी बाइटडांस के प्रोडक्ट्स मुख्य रूप से शामिल हैं। इन दोनों बड़ी कंपनियों ने अपने यूजर्स को बता दिया है कि नियमों को मानने के लिए चैटबॉट के कुछ खास फीचर्स बंद होंगे।
असली रिश्तों और शादियों को बढ़ावा देना चाहती है सरकार
एक्सपर्ट्स मानते हैं कि चीनी अथॉरिटीज को लोगों के एआई कंपैनियन्स पर निर्भर होने का डर सता रहा है। उन्हें लगता है कि इससे युवा असली दुनिया में रिश्ते बनाने और परिवार शुरू करने से दूर हो जाएंगे। कार्नेगी एंडोमेंट फॉर इंटरनेशनल पीस के फेलो मैट शीहान ने बिजनेस इनसाइडर को यह अहम जानकारी दी।
मैट शीहान ने बताया कि सरकार नहीं चाहती कि आबादी का बड़ा हिस्सा चैटबॉट्स के साथ गहरे इमोशनल रिश्ते में रहे। सरकार को लगता है कि ऐसा होने से युवा शादी के मार्केट से बाहर हो सकते हैं। इसलिए सरकार चाहती है कि लोग एआई कंपैनियन्स के बजाय असली दुनिया के रिश्तों पर ध्यान दें।
मार्केट में उतारने से पहले होगा सरकारी रिव्यू और जांच
नए नियमों के तहत अब किसी भी एआई कंपैनियन चैटबॉट को मार्केट में लाने से पहले सरकारी रिव्यू से गुजरना पड़ेगा। अधिकारियों को असुरक्षित सर्विसेज को तुरंत बंद करने का पूरा अधिकार दिया गया है। ये नियम अमेरिका के कैलिफोर्निया और न्यूयॉर्क जैसे राज्यों के एआई कानूनों से भी कहीं ज्यादा सख्त माने जा रहे हैं।
अमेरिका के राज्यों में एआई कानून काफी अलग हैं। वहां के नियमों में चैटबॉट्स के लिए सिर्फ यह बताना जरूरी होता है कि वे इंसान नहीं हैं। इसके अलावा उन्हें जरूरत पड़ने पर यूजर्स को सिर्फ हेल्प डेस्क की जानकारी देनी होती है। लेकिन चीन सरकार ने इन चैटबॉट्स के खिलाफ काफी कड़ा रुख अपनाया है।