वैश्विक निवेशकों की रणनीति में बदलाव, एआई शेयरों से पैसा निकालकर भारत और चीन का रुख

Share

- Advertisement -

Delhi News: वैश्विक निवेशकों की निवेश रणनीति में इन दिनों एक बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और सेमीकंडक्टर शेयरों से पैसा निकालकर विदेशी फंड अब भारत, चीन और दक्षिण-पूर्व एशियाई बाजारों के बैंकिंग और आईटी सेक्टरों में निवेश बढ़ा रहे हैं। इस बदलाव से एशियाई बाजारों का पूरा निवेश परिदृश्य बदल रहा है।

एआई और सेमीकंडक्टर शेयरों से घट रही हिस्सेदारी

ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के मुताबिक, फिडेलिटी इंटरनेशनल, बीएनपी Paribas और M&G Investments जैसे बड़े निवेशकों ने दक्षिण कोरिया और ताइवान के एआई एवं सेमीकंडक्टर शेयरों से अपनी हिस्सेदारी कम करना शुरू कर दिया है। विश्लेषकों का मानना है कि इन क्षेत्रों में हो रहे भारी-भरकम निवेश से मिलने वाले वास्तविक रिटर्न को लेकर अनिश्चितता काफी बढ़ गई है।

बढ़ती अनिश्चितता के बीच फंड मैनेजर अब बैंकिंग, आईटी, ई-कॉमर्स और अन्य अपेक्षाकृत कम जोखिम वाले क्षेत्रों को अधिक प्राथमिकता दे रहे हैं। विदेशी बिकवाली का सीधा असर दक्षिण कोरिया और ताइवान के शेयर बाजारों पर साफ देखा जा रहा है। निवेशकों की लगातार निकासी के कारण इन दोनों ही प्रमुख बाजारों में भारी दबाव और अस्थिरता बनी हुई है।

भारत और चीन बने विदेशी निवेशकों का मुख्य केंद्र

एक तरफ जहां तकनीकी शेयरों में बिकवाली हो रही है, वहीं दूसरी ओर भारत और चीन विदेशी निवेशकों के लिए फिर से आकर्षण का केंद्र बन रहे हैं। जुलाई के दौरान भारतीय शेयर बाजार में विदेशी निवेश में बढ़ोतरी हुई है, जिससे आईटी सहित कई अन्य प्रमुख सेक्टरों को मजबूत समर्थन मिला है। चीनी बाजारों में भी निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ी है।

चीन में इंटरनेट कंपनियों और बैंकिंग शेयरों में भी निवेशकों का रुझान तेजी से बढ़ा है। इसके अलावा इंडोनेशिया और थाईलैंड के बाजारों में भी काफी मजबूत तेजी देखने को मिल रही है। बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि वैश्विक निवेशक फिलहाल तेज जोखिम वाले एआई शेयरों के बजाय बेहतर मूल्यांकन वाले स्थिर बाजारों को चुन रहे हैं।

Desh Raj
Desh Raj
Please wait....

Read more

Related News