Dharamshala News: तिब्बती धर्मगुरु दलाई लामा ने नेपाल के रसुवा और तिब्बत के क्यिरोंग क्षेत्र में आई भयंकर बाढ़ पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने प्राकृतिक आपदा में जान गंवाने वाले लोगों की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की और सभी प्रभावित परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं प्रकट की हैं।
जलवायु परिवर्तन को लेकर दलाई लामा ने जताई गहरी चिंता
धर्मगुरु ने कहा कि इन पहाड़ी क्षेत्रों में बार-बार आ रही प्राकृतिक आपदाएं किसी बड़े और गहरे संकट की तरफ इशारा करती हैं। इसके पीछे क्लाइमेट चेंज या अन्य पर्यावरणीय कारण जिम्मेदार हो सकते हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि भविष्य में ऐसी तबाही को रोकने के लिए दुनिया भर में ठोस और प्रभावी कदम उठाए जाएंगे।
नेपाल में 469 मौतें, भारत ने बढ़ाया मानवीय मदद का हाथ
नेपाल में आई इस भीषण बाढ़ में अब तक 469 लोगों की जान जा चुकी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेपाल के प्रधानमंत्री बालेनद्र शाह से फोन पर बात कर हर संभव मदद का भरोसा दिया है। भारतीय विदेश मंत्रालय के अनुसार त्रिशूली प्रोजेक्ट से 63 भारतीयों को सुरक्षित निकाला गया है, जबकि 288 से संपर्क की कोशिश जारी है।
विदेशी नागरिकों के रेस्क्यू के लिए इमरजेंसी कंट्रोल रूम सक्रिय
नेपाल के विदेश मंत्रालय ने रसुवा जिले में भोटेकोशी नदी की बाढ़ से प्रभावित विदेशी पर्यटकों और कामगारों की मदद के लिए इमरजेंसी कंट्रोल रूम बनाया है। यह स्पेशल सेल सर्च ऑपरेशन, लापता लोगों की पहचान और कांसुलर मदद के लिए मेन कोआर्डिनेशन सेंटर के तौर पर चौबीसों घंटे काम कर रहा है।