Delhi News: ब्रिक्स समिट के दौरान चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के स्वास्थ्य को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं। चीनी लोकतंत्र पार्टी के चेयरमैन श्ये वानजुन ने एक पोस्ट में दावा किया है। उनके मुताबिक भारत से लौटते ही चीनी राष्ट्रपति को बीजिंग में सैन्य अस्पताल ले जाया गया।
भारत मंडप में कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपना भाषण दे रहे थे। अचानक उनकी नजर शी जिनपिंग पर पड़ी और उन्होंने संबोधन रोक दिया। मोदी ने शी के अनुवादक से पूछा, “इज इट ओके?” कार्यक्रम में यह सवाल दोबारा पूछा गया था। कैमरे में उस समय शी असहज, झुके सिर और बंद आंखों के साथ दिखे।
प्रधानमंत्री मोदी के पूछने के बाद शी जिनपिंग ने सिर हिलाकर संकेत दिया। इसके बाद मंच से भाषण को आगे बढ़ाया गया। हालांकि, इसके तुरंत बाद खबर आई कि शी जिनपिंग गाला डिनर में शामिल नहीं हुए। इस डिनर का आयोजन प्रधानमंत्री ने ब्रिक्स नेताओं के विशेष सम्मान में किया था।
चीनी लोकतंत्र पार्टी के चेयरमैन श्ये वानजुन का दावा है कि भारत में जिनपिंग की तबीयत बिगड़ी थी। वहां मौजूद मेडिकल टीम ने उनकी स्थिति को संभाला था। हालत नियंत्रण में आने के बाद भी उनके तय कार्यक्रम में बदलाव किया गया। इसी वजह से वे रात्रिभोज में शामिल नहीं हुए थे।
वानजुन ने आगे दावा किया कि शी को बीजिंग एयरपोर्ट से सीधे 301 हॉस्पिटल पहुंचाया गया। इसके लिए सैन्य हेलीकॉप्टर का इस्तेमाल किया गया था। बीजिंग का 301 हॉस्पिटल चीन की सैन्य चिकित्सा व्यवस्था का मुख्य केंद्र है। ऐसे में सवाल उठा कि क्या शी जिनपिंग की तबीयत सचमुच काफी गंभीर थी।
सोशल मीडिया पोस्ट में यह भी कहा गया कि बीजिंग एयरपोर्ट पर सामान्य औपचारिक स्वागत नहीं दिखा। वहां बड़े अधिकारियों की मौजूदगी नहीं थी और कोई औपचारिक कार्यक्रम नहीं हुआ। जिनपिंग को तुरंत अस्पताल ले जाने का यह दावा अब केवल सेहत तक सीमित नहीं है। इसे अब चीन की अंदरूनी राजनीति से भी जोड़कर देखा जा रहा है।