Washington News: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि अमेरिकी सेना ने ईरान के एयर डिफेंस सिस्टम पर सीमित सैन्य हमला कर उसे नष्ट कर दिया है। इधर, ईरान ने एक अमेरिकी ड्रोन गिराने की बात कही है। इस सैन्य कार्रवाई के बीच अमेरिका ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम से जुड़े इनपुट देने वालों के लिए 20 मिलियन डॉलर के इनाम का ऐलान किया है।
अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य तनाव एक बार फिर गहरा गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को संवाददाताओं से बातचीत में बताया कि अमेरिकी सेना ने ईरान के नवविकसित एंटी-एयरक्राफ्ट सिस्टम को निशाना बनाकर सीमित सैन्य कार्रवाई की। ट्रंप के अनुसार, ईरान द्वारा हाल ही में तैयार किए गए इस रक्षा तंत्र को अमेरिकी सुरक्षा बलों ने महज 5 से 15 मिनट के भीतर तबाह कर दिया।
दूसरी तरफ, ईरानी सरकारी मीडिया ने होर्मुज जलडमरूमध्य में स्थित केश्म द्वीप के सुजा क्षेत्र में दो तेज धमाकों की पुष्टि की है। इसके साथ ही ईरान ने दावा किया है कि उसने अमेरिका के एक एमक्यू-1 (MQ-1) ड्रोन को मार गिराया है। इससे पूर्व सोमवार को भी केश्म, हेंगम द्वीप और मुख्य भूमि पर बंदर अब्बास के समीप विस्फोट दर्ज किए गए थे, जिसे अमेरिकी सेना ने ‘रक्षात्मक हमला’ करार दिया था। हाल ही में संपन्न हुए अमेरिकी मध्यावधि चुनावों में रिपब्लिकन पार्टी को मिले झटके के बाद यह पहली बड़ी सैन्य कार्रवाई है।
बातचीत जारी रखने का संकेत और युद्ध का प्रभाव
सैन्य टकराव के बीच राष्ट्रपति ट्रंप ने कूटनीतिक रास्ते खुले होने के संकेत दिए हैं। पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा, “हम ईरान से बात कर रहे हैं। हमारे बीच पहले से ही बातचीत जारी है।”
उल्लेखनीय है कि ईरान के साथ जारी गतिरोध और संघर्ष के चलते अंतरराष्ट्रीय बाजार में ईंधन की कीमतों में अस्थिरता देखी गई है। अमेरिका में भी ईंधन की ऊंची कीमतों और युद्ध नीति को लेकर घरेलू स्तर पर राजनीतिक चर्चाएं तेज रही हैं, जिसे हालिया चुनावों में मतदाताओं की नाराजगी से भी जोड़कर देखा जा रहा है।
परमाणु कार्यक्रम की जानकारी पर 2 करोड़ डॉलर तक का इनाम
हमलों के समानांतर अमेरिकी विदेश विभाग के ‘रिवार्ड्स फॉर जस्टिस’ कार्यक्रम ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर एक घोषणा की है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) द्वारा साझा की गई जानकारी के अनुसार, ईरान के परमाणु ठिकानों, वहां प्रयुक्त तकनीकी उपकरणों, वैज्ञानिकों, संबंधित नेटवर्क और परमाणु सामग्री के परिवहन से जुड़ी महत्वपूर्ण सूचना देने वाले व्यक्ति को 20 मिलियन डॉलर (लगभग 2 करोड़ डॉलर) तक का इनाम दिया जाएगा। जरूरत पड़ने पर सूचना देने वाले को पुनर्वास की सुविधा भी मुहैया कराई जाएगी।
यूरेनियम संवर्धन के स्तर को लेकर अमेरिका की चिंता
अमेरिकी नोटिस में अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) की 2025 की रिपोर्ट का संदर्भ दिया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, ईरान यूरेनियम को 60 प्रतिशत की शुद्धता तक संवर्धित कर रहा है।
आमतौर पर असैन्य और शांतिपूर्ण परमाणु उपयोग के लिए कम संवर्धन की आवश्यकता होती है, जबकि हथियार श्रेणी के लिए लगभग 90 प्रतिशत शुद्धता मानक मानी जाती है। अमेरिकी प्रशासन का कहना है कि गैर-परमाणु हथियार संपन्न देशों में केवल ईरान ही इतने उच्च स्तर पर संवर्धन कर रहा है, जिससे संवर्धन क्षमता और बढ़ने पर सामग्री के सैन्य उपयोग का जोखिम उत्पन्न हो सकता है।