एलओसी पर बारूद और आंधी के बीच जलते हैं दीये, नौशेरा सेक्टर में ऐसे दिवाली मनाते हैं जवान

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Rajouri News: जम्मू-कश्मीर के नौशेरा सेक्टर में नियंत्रण रेखा (LoC) पर तैनात भारतीय सेना के जवान परिवार से दूर रहकर दिवाली का त्योहार मना रहे हैं। सीमा पार से घुसपैठ के खतरे और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बीच भी जवानों की चौकसी में कोई ढिलाई नहीं है। वे ड्रोन और नाइट विजन उपकरणों से लगातार निगरानी रख रहे हैं।

जम्मू-कश्मीर के नौशेरा सेक्टर में नियंत्रण रेखा (LoC) पर तैनात भारतीय सेना के जवान सीमा की सुरक्षा करते हुए अनूठे अंदाज में दिवाली का त्योहार मना रहे हैं। जब देश भर के घरों और बाजारों में रोशनी की जगमगाहट होती है, उस वक्त सरहद पर तैनात जवान बारूद की गंध, तेज हवाओं और पहाड़ों की खामोशी के बीच मुस्तैदी से दीये जलाते हैं। उनके लिए सीमा की सुरक्षा ही सर्वोपरि संकल्प है।

त्योहार के अवसर पर भी एलओसी पर गश्त का समय और सुरक्षा घेरा बिल्कुल नहीं बदलता। निगरानी चौकियां लगातार सक्रिय रहती हैं और रात का अंधेरा बढ़ने के साथ ही चौकसी और ज्यादा सख्त कर दी जाती है। सीमा पर तैनात जवानों की निगरानी में एक पल की भी ढिलाई नहीं बरती जाती।

ड्रोन और नाइट विजन उपकरणों से पैनी नजर

त्योहार के दौरान सीमा पार से किसी भी तरह की संदिग्ध गतिविधि या घुसपैठ की आशंका को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था पहले से अधिक कड़ी कर दी गई है। सेना के जवान आधुनिक ड्रोन और नाइट विजन उपकरणों की मदद से चप्पे-चप्पे पर नजर रख रहे हैं।

नौशेरा सेक्टर का भूगोल बेहद चुनौतीपूर्ण है। यहां के ऊंचे पहाड़, घने जंगल और दुर्गम रास्ते निगरानी के काम को कठिन बना देते हैं। इसके बावजूद जवान हर संवेदनशील रास्ते पर मुस्तैद हैं ताकि कोई भी अवांछित हरकत नजरों से बच न सके।

साथियों के बीच ही बन जाता है परिवार

अपने घरों, माता-पिता और बच्चों से सैकड़ों किलोमीटर दूर तैनात जवानों के लिए त्योहार मनाना आसान नहीं होता। घर के बने पकवान और त्योहार की रौनक की यादें उनके मन में जरूर होती हैं, लेकिन वे अपने साथी जवानों के बीच ही एक नया परिवार बना लेते हैं। वे साथ मिलकर पूजा-अर्चना करते हैं, एक-दूसरे को मिठाई खिलाते हैं और देश की अखंडता व सुरक्षा की कामना करते हुए दीप प्रज्वलित करते हैं।

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