Tehran News: अमेरिका और ईरान के बीच तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। तेहरान ने वाशिंगटन को चेतावनी दी है कि अगर उसने रणनीतिक खार्ग आइलैंड पर कब्जा करने की कोशिश की, तो अमेरिकी सैनिकों के लिए वहां से जिंदा लौटना संभव नहीं होगा। ईरान ने स्पष्ट किया है कि वह किसी भी सैन्य कार्रवाई का मुंहतोड़ जवाब देने को तैयार है।
खार्ग आइलैंड फारस की खाड़ी में बुशहर तट से लगभग 55 किलोमीटर दूर स्थित है। यह द्वीप ईरान का सबसे बड़ा तेल निर्यात केंद्र है। देश की पूरी ऊर्जा आपूर्ति का यह सबसे मुख्य आधार माना जाता है। इसी कारण से ईरान इस क्षेत्र को अपनी सबसे महत्वपूर्ण और कीमती रणनीतिक संपत्ति मानता है।
अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर ईरान के हमलों का दावा
ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (आईआरजीसी) ने दावा किया है कि उसने जॉर्डन, कुवैत और ओमान में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर बड़े हमले किए हैं। उनका कहना है कि यह सैन्य अभियान जारी रहेगा। ईरान ने अमेरिका पर खुजेस्तान प्रांत में बन रहे डारखोविन न्यूक्लियर पावर प्लांट को भी निशाना बनाने का आरोप लगाया है।
लगातार हो रहे हमलों और भारी गर्मी के कारण ईरान के कई शहरों में बिजली का गंभीर संकट पैदा हो गया है। राजधानी तेहरान सहित अनेक क्षेत्रों में रोजाना बिजली कटौती की जा रही है। इससे आम नागरिकों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। हालात धीरे-धीरे और भी अधिक विकट होते जा रहे हैं।
समुद्री मार्गों पर बढ़ता तनाव और भारत की एडवाइजरी
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने बताया कि उसने ईरानी पोर्ट्स तक पहुंच रोकने के लिए सात जहाजों का रास्ता बदला और एक को निष्क्रिय किया। यूकेएमटीओ के अनुसार फुजैरा पोर्ट के पास एक शिप पर हमला हुआ है। पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी है कि सैनिक की मौत पर कई गुना ताकत से जवाब देंगे।
पश्चिम एशिया में गहराते तनाव को देखते हुए भारत ने नई ट्रैवल एडवाइजरी जारी की है। भारतीय दूतावास ने नागरिकों को ईरान यात्रा टालने और वहां मौजूद भारतीयों को कमर्शियल फ्लाइट्स से लौटने की सलाह दी है। दूसरी तरफ यमन के हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब के खिलाफ नौसैनिक नाकेबंदी की घोषणा कर दी है।