Washington News: अमेरिका में ट्रंप प्रशासन ने भारतीय और चीनी छात्रों को जारी किए जाने वाले F-1 छात्र वीजा में भारी कटौती की है। सेंटर फॉर इमिग्रेशन स्टडीज (CIS) की रिपोर्ट के अनुसार, 2025 में भारतीय और चीनी नागरिकों को जारी किए गए छात्र वीजा की संख्या में पिछले वर्षों के मुकाबले बड़ी गिरावट दर्ज की गई है।
वीजा कटौती का OPT योजना पर पड़ा सीधा असर
डिग्री पूरी करने के बाद OPT कार्यक्रम के तहत विदेशी छात्रों को अमेरिका में काम करने की अनुमति मिलती है। वीजा में कटौती से यह योजना भी प्रभावित हुई है। आंकड़ों के अनुसार, 2024-25 में लगभग 2.94 लाख विदेशी छात्र इसके तहत काम कर रहे थे, जिसमें भारत और चीन का बड़ा हिस्सा था। अब छात्रों की संख्या घटने से अमेरिकी श्रम बाजार में विदेशी पेशेवरों की उपलब्धता प्रभावित हो सकती है।
भारतीय छात्रों के वीजा में दर्ज हुई 62 प्रतिशत की गिरावट
रिपोर्ट के मुताबिक, 2025 में मई से अगस्त के बीच केवल 22,149 भारतीयों को F-1 वीजा दिए गए। जबकि 2024 में इसी अवधि के दौरान 58,694 वीजा जारी हुए थे, जो 62 प्रतिशत की सीधी गिरावट दर्शाते हैं। वहीं, इसी अवधि में चीनी छात्रों को 40,034 वीजा मिले, जिसमें पिछले साल की तुलना में 34 प्रतिशत की कमी आई है।
पढ़ाई के बाद काम करने के लिए 1 लाख डॉलर फीस का प्रस्ताव
ऐसी चर्चाएं हैं कि यदि कोई छात्र ग्रेजुएशन के बाद अमेरिका में रहकर काम करना चाहता है, तो उसे सरकार को 1 लाख डॉलर फीस देनी पड़ सकती है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, नए वीजा नियमों के तहत अंतरराष्ट्रीय छात्र अब पढ़ाई के बाद लंबे समय तक अमेरिका में नहीं रह सकेंगे, हालांकि इस पर अंतिम मुहर लगना बाकी है।