New Delhi News: फ्लाईदुबई विमान के 174 यात्रियों की जान सुरक्षित बचाने वाले भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छर से इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने सीधी बातचीत की है। कैप्टन स्मित ने इजरायली प्रधानमंत्री को कॉकपिट के भीतर घटी पूरी घटना की सिलसिलेवार जानकारी दी। उन्होंने बताया कि किस तरह सह-पायलट के जानलेवा हमले के बाद विमान को संभाला गया।
कॉकपिट में हुई बातचीत का विवरण साझा करते हुए कैप्टन स्मित ने बताया कि उड़ान पूरी तरह सामान्य गति से चल रही थी। तभी उनके सह-पायलट ने नमाज पढ़ने की बात कही। वहां कई लोग नमाज पढ़ते हैं, इसलिए उन्हें कुछ असामान्य नहीं लगा। उन्होंने सम्मान के तौर पर पीछे मुड़कर नहीं देखा, ताकि सह-पायलट अपनी प्रार्थना पूरी कर सके।
अचानक सिर पर हुआ हमला और विमान में मची अफरातफरी
कैप्टन ने बताया कि प्रार्थना शुरू होने के लगभग चार से पांच मिनट बाद अचानक उनके सिर के पिछले हिस्से पर जोरदार प्रहार हुआ। पहले उन्हें लगा कि विमान में कोई बड़ी तकनीकी खराबी आ गई है। लेकिन इसके तुरंत बाद उनके ऊपर लगातार कई वार किए गए, जिससे स्पष्ट हो गया कि सह-पायलट ही उन पर हमला कर रहा था।
शुरुआती हमलों के कारण कैप्टन की आंखों के आगे अंधेरा छाने लगा और दृष्टि काफी धुंधली हो गई। उन्होंने सह-पायलट को रोकने की भरपूर कोशिश की, लेकिन उसी समय विमान अचानक तेजी से नीचे की ओर गोता लगाने लगा। कैप्टन ने किसी तरह कॉकपिट का दरवाजा खोलने का प्रयास किया, परंतु हमलावर ने दरवाजा दोबारा बंद कर दिया।
फर्श पर गिरकर भी नहीं हारी हिम्मत और खोला दरवाजा
लगातार प्रहार के कारण कैप्टन कॉकपिट के फर्श पर गिर पड़े। उन्हें विमान के नीचे गिरने की तेज आवाज और यात्रियों की चीखें सुनाई दे रही थीं। कैप्टन ने कहा कि उन्होंने अपनी बची हुई पूरी ताकत झोंक दी। वे रेंगते हुए दरवाजे तक पहुंचे और उसे खोल दिया। बाहर खड़े क्रू सदस्यों ने तुरंत अंदर आकर विमान संभाल लिया।