चीन के शेनझोउ-24 मिशन से स्पेस स्टेशन जाएगा पाकिस्तानी अंतरिक्ष यात्री, तारीख और नाम पर सस्पेंस

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Beijing News: चीन के आगामी शेनझोउ-24 अंतरिक्ष मिशन के तहत एक पाकिस्तानी अंतरिक्ष यात्री को तियांगोंग स्पेस स्टेशन भेजने की योजना बनाई गई है। यह यात्री तियांगोंग जाने वाला पहला विदेशी नागरिक होगा। हालांकि, चीन की स्पेस एजेंसी ने अभी तक मिशन की निश्चित तारीख और अंतिम चयनित अंतरिक्ष यात्री के नाम की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।

चीन की मानवयुक्त अंतरिक्ष एजेंसी (सीएमएसए) ने अपने आगामी मिशन ‘शेनझोउ-24’ के लिए एक पाकिस्तानी अंतरिक्ष यात्री को शामिल करने का निर्णय लिया है। योजना के अनुसार, यह अंतरिक्ष यात्री चीन के ‘तियांगोंग’ स्पेस स्टेशन का दौरा करेगा और ऐसा करने वाला पहला विदेशी नागरिक बनेगा। पाकिस्तान में इस मिशन को एक बड़ी उपलब्धि के तौर पर देखा जा रहा है, लेकिन मिशन की पूरी तकनीकी व्यवस्था और नियंत्रण चीन के हाथों में ही केंद्रित है।

इस संयुक्त अभियान में पाकिस्तान की राष्ट्रीय अंतरिक्ष एजेंसी ‘सुपारको’ केवल एक सहयोगी के रूप में शामिल है। रॉकेट, अंतरिक्ष यान, ईंधन और तकनीकी संचालन से जुड़ा पूरा तंत्र पूरी तरह चीन द्वारा संचालित और नियंत्रित किया जा रहा है। यात्रा की योजना के तहत पाकिस्तानी यात्री शेनझोउ-24 से अंतरिक्ष स्टेशन पहुंचेगा और उसकी वापसी शेनझोउ-23 मिशन के साथ निर्धारित की गई है।

तारीख और अंतरिक्ष यात्री के नाम पर स्थिति स्पष्ट नहीं

पाकिस्तान के योजना मंत्री अहसान इकबाल ने पूर्व में सार्वजनिक बयान देकर दावा किया था कि पाकिस्तानी अंतरिक्ष यात्री 25 नवंबर को उड़ान भरेगा। इसके विपरीत, चीन की स्पेस एजेंसी सीएमएसए ने मिशन की योजना की पुष्टि तो की है, लेकिन आधिकारिक तौर पर लॉन्च की निश्चित तारीख तय नहीं की है। इसके अतिरिक्त, प्रशिक्षण ले रहे संभावित अंतरिक्ष यात्रियों में से मुख्य यात्री के नाम का अंतिम ऐलान भी फिलहाल बाकी है।

अंतरिक्ष कूटनीति और वैश्विक समीकरण

वैश्विक अंतरिक्ष अनुसंधान के क्षेत्र में चीन अपने तियांगोंग स्पेस स्टेशन को एक अंतरराष्ट्रीय केंद्र के रूप में विकसित कर रहा है। अमेरिका और रूस के साथ जारी तकनीकी व अंतरिक्ष प्रतिस्पर्धा के बीच चीन विदेशी नागरिकों को अपने मिशन से जोड़कर अपनी स्थिति मजबूत करना चाहता है। दूसरी ओर, बिना स्वतंत्र तकनीकी आधार के चीन के रॉकेट और प्रणाली पर निर्भर होने के कारण पाकिस्तान के इस मिशन की स्वायत्तता पर भी सवाल उठ रहे हैं।

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