Tehran News: ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के बीच तेहरान ने अपने परमाणु संयंत्रों के पास रहने वाले नागरिकों को एंटी-रेडिएशन आयोडीन की गोलियां बांटी हैं। उधर, अमेरिका ने खाड़ी क्षेत्र में मौजूद अपने नागरिकों के लिए हाई अलर्ट जारी किया है। इराक ने भी अपनी संप्रभुता का हवाला देते हुए किसी हमले के लिए जमीन के इस्तेमाल पर रोक लगाई है।
पश्चिम एशिया (मिडिल ईस्ट) में सैन्य तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है। अमेरिका की ओर से संभावित सैन्य कार्रवाई की आशंका के बीच ईरान ने अपने परमाणु संयंत्रों के आसपास रहने वाली आबादी को एंटी-रेडिएशन आयोडीन की गोलियां बांटनी शुरू कर दी हैं। वहीं, अमेरिका ने पूरे खाड़ी क्षेत्र में अपने नागरिकों के लिए सुरक्षा परामर्श जारी कर दिया है। पेंटागन की सैन्य सक्रियता और अमेरिकी नेतृत्व के बयानों से इस क्षेत्र में बड़े सैन्य टकराव की आशंका गहरा गई है।
न्यूक्लियर प्लांट के पास बांटी जा रहीं आयोडीन की गोलियां
अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरान के स्वास्थ्य मंत्रालय के एक अधिकारी ने पुष्टि की है कि परमाणु संयंत्रों के दो से तीन किलोमीटर के दायरे में रहने वाले लोगों को ऐहतियात के तौर पर आयोडीन की गोलियां दी जा रही हैं। ईरानी अधिकारियों का कहना है कि संभावित अमेरिकी सैन्य कार्रवाई और किसी भी न्यूक्लियर इमरजेंसी की स्थिति से निपटने के लिए यह कदम उठाया गया है।
रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि वॉशिंगटन ईरान के सबसे सुरक्षित माने जाने वाले ‘पिकैक्स माउंटेन’ न्यूक्लियर ठिकाने को निशाना बनाने पर विचार कर रहा है। आयोडीन की गोलियों का वितरण दर्शाता है कि तेहरान अपने परमाणु प्रतिष्ठानों पर संभावित हमले और उससे फैलने वाले रेडिएशन के खतरों को लेकर रक्षात्मक तैयारी कर रहा है।
अमेरिका ने जारी की सुरक्षा एडवाइजरी
ईरान में चल रही तैयारियों के बीच अमेरिका ने भी एहतियाती कदम उठाए हैं। संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) स्थित अमेरिकी मिशन ने आधिकारिक सुरक्षा एडवाइजरी जारी कर पूरे मिडिल ईस्ट में मौजूद अमेरिकी नागरिकों को अत्यधिक सतर्कता बरतने की सलाह दी है। तनाव बढ़ने की स्थिति में खाड़ी देशों के हवाई क्षेत्र में नागरिक उड़ानों के प्रभावित या रद्द होने की आशंका भी जताई जा रही है।
इराक ने किया स्पष्ट: जमीन का नहीं होगा इस्तेमाल
खाड़ी में गहराते संकट के बीच पड़ोसी देश इराक ने अपनी चिंता जताई है। इराक के प्रधानमंत्री अली फलीह अल-जैदी ने अमेरिकी राष्ट्रपति से बातचीत में स्पष्ट किया कि इराक की संप्रभुता का पूरा सम्मान किया जाना चाहिए। इराकी प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से जारी बयान में कहा गया कि इराक की धरती और हवाई क्षेत्र का इस्तेमाल किसी भी पड़ोसी देश के खिलाफ हमले के लॉन्चपैड के रूप में करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि परमाणु ठिकानों पर किसी प्रकार का सैन्य हमला होता है, तो यह केवल दो देशों तक सीमित न रहकर पूरे पश्चिम एशिया को एक व्यापक और गंभीर युद्ध की चपेट में ले सकता है।