Kathmandu News: नेपाल में आए भीषण फ्लैश फ्लड और तबाही के बीच कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) के पूर्व प्रमुख जी. सतीश रेड्डी और उनकी पत्नी पूरी तरह सुरक्षित हैं। वे 31 अन्य तीर्थयात्रियों के साथ तिब्बत के सागा काउंटी में मौजूद हैं और सीमा खुलने की प्रतीक्षा कर रहे हैं।
आपदा में 270 की मौत और 288 भारतीय अब भी लापता
पड़ोसी देश नेपाल में प्राकृतिक आपदा के कारण अब तक 270 लोगों की जान जा चुकी है और 800 से अधिक लोग लापता हैं। नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल ने बताया कि यात्रा मार्ग पर फंसे लोगों से संपर्क की कोशिशें जारी हैं। भारतीय विदेश मंत्रालय के अनुसार 21 भारतीयों को सुरक्षित निकाला गया है, जबकि 288 लापता हैं।
भारत ने नेपाल को भेजी 50 टन मानवीय राहत सामग्री
संकट की इस घड़ी में भारत सरकार ने पड़ोसी धर्म निभाते हुए नेपाल को दो उड़ानों के जरिए करीब 50 टन मानवीय सहायता और राहत सामग्री भेजी है। इसमें जरूरी दवाइयां, राहत सामग्री और खाद्य पैकेट शामिल हैं। भारतीय दूतावास और बचाव दल फंसे नागरिकों को सुरक्षित वापस लाने के लिए लगातार स्थानीय प्रशासन के संपर्क में हैं।