Washington News: अमेरिका की सख्त आव्रजन नीतियों के कारण वहां के कॉलेजों में दाखिला लेने वाले भारतीय छात्रों की संख्या में 15 प्रतिशत की भारी गिरावट दर्ज की गई है। ‘कॉमन ऐप’ की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, आगामी सत्र के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आवेदन करने वाले छात्रों में 10 फीसदी की कमी आई है।
सख्त वीजा नियमों से विदेशी छात्रों के दाखिले में कमी
एसोसिएशन ऑफ इंटरनेशनल एजुकेटर्स (नाफ्सा) और जेबी इंटरनेशनल की रिपोर्ट में बताया गया है कि वीजा नियमों में बदलाव से दाखिलों में 1.1 लाख तक की कमी आ सकती है। पिछले सत्र में पंजीकृत 11.69 लाख अंतरराष्ट्रीय छात्रों की संख्या आगामी वर्ष में घटकर 10.57 लाख रह जाने का अनुमान है।
अमेरिकी अर्थव्यवस्था और छात्रों पर नए नियमों का असर
विदेशी छात्रों की घटती संख्या से अमेरिकी अर्थव्यवस्था को होने वाले 41.77 अरब डॉलर के योगदान में बड़ी कमी का अनुमान है। सरकार ने छात्र वीजा के लिए अधिकतम चार साल की सीमा तय कर दी है। इसके साथ ही पढ़ाई के बाद वर्क ट्रेनिंग के लिए भारी शुल्क लगाने की तैयारी है।