Delhi News: भारत में मानसून एक बार फिर पूरी तरह सक्रिय हो गया है। मौसम विभाग ने कई राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। पूर्वोत्तर भारत इस समय सबसे बड़ा हॉटस्पॉट बना हुआ है, जहां असम और मेघालय में अत्यधिक भारी वर्षा की गंभीर चेतावनी दी गई है।
मौसम विभाग के बुलेटिन के अनुसार 5 अगस्त को असम और मेघालय में अलग-अलग स्थानों पर मूसलाधार बारिश होने का अनुमान है। इसके साथ ही अरुणाचल प्रदेश में भी भारी से बहुत भारी वर्षा हो सकती है। इन क्षेत्रों में बिगड़ते मौसम को देखते हुए स्थानीय प्रशासन और आम लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
उत्तर और मध्य भारत में भारी बारिश का अनुमान
उत्तर भारत और मध्य भारत के बड़े हिस्से में भी मौसम का मिजाज काफी सख्त बना हुआ है। उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, बिहार, ओडिशा और मध्य महाराष्ट्र में तेज बारिश के आसार हैं। उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के कई इलाकों में भी मौसम विभाग ने मूसलाधार बारिश की संभावना को देखते हुए चेतावनी जारी की है।
इसके अलावा हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, पंजाब, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में भी भारी बारिश की स्थिति बनी रहेगी। पूर्वी भारत के बिहार, झारखंड, ओडिशा, गंगीय पश्चिम बंगाल, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में जलभराव का खतरा है। ओडिशा और सिक्किम के कुछ क्षेत्रों में भी बहुत भारी वर्षा का पूर्वानुमान जताया गया है।
दक्षिण भारत में गरज-चमक और तेज हवाओं की चेतावनी
पश्चिमी तट पर स्थित कोंकण, गोवा और महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में मूसलाधार बारिश का अनुमान लगाया गया है। वहीं केरल और कर्नाटक के तटीय तथा अंदरूनी इलाकों में बारिश का दौर जारी रहेगा। मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के अलग-अलग जिलों में भी तेज हवाओं के साथ भारी बारिश होने की पूरी संभावना बनी हुई है।
दक्षिण भारत के अन्य हिस्सों में केरल, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, तमिलनाडु और तेलंगाना में बिजली चमकने और तेज हवाएं चलने की चेतावनी दी गई है। इन इलाकों में गरज के साथ जोरदार बारिश हो सकती है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार पूरे देश में बन रहे सिस्टम के कारण मानसून लगातार अपनी पकड़ मजबूत बनाए हुए है।
जानिए आखिर क्यों देश भर में इतना सक्रिय है मानसून
मानसून के इतना उग्र होने के पीछे एक साथ कई मौसमी प्रणालियों का काम करना है। वर्तमान में मानसून ट्रफ अनूपगढ़, दिल्ली, शाहजहांपुर और बस्ती से गुजरते हुए नागालैंड तक फैली है। इसके अलावा उत्तरी हरियाणा, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, बिहार और असम के ऊपर अलग-अलग चक्रवाती परिसंचरण बने हुए हैं, जिससे भारी नमी आ रही है।
बंगाल की खाड़ी और तटीय आंध्र प्रदेश के पास बना एक अन्य परिसंचरण और कर्नाटक पर मौजूद सिस्टम दक्षिणी प्रायद्वीप में बारिश को बढ़ावा दे रहा है। इन सभी प्रणालियों के एक साथ सक्रिय होने से देश के बड़े हिस्से में लगातार बारिश हो रही है। आने वाले दिनों में भी यह सिलसिला जारी रहने की उम्मीद है।