Jammu News: भाई-बहन के पवित्र प्रेम और अटूट विश्वास का त्योहार रक्षाबंधन इस साल 28 अगस्त को मनाया जाएगा। इस खास दिन बहनें भाइयों की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधकर उनकी लंबी उम्र और सुख-समृद्धि की प्रार्थना करती हैं। वहीं भाई जीवनभर बहनों की रक्षा और साथ निभाने का मजबूत संकल्प लेते हैं।
श्री कैलख ज्योतिष एवं वैदिक संस्थान जम्मू-कश्मीर के अध्यक्ष महंत रोहित शास्त्री ने बताया कि हिंदू पंचांग के अनुसार रक्षाबंधन का विशेष धार्मिक महत्व है। सदियों से चली आ रही परंपरा के अनुसार रक्षा सूत्र बांधने से पहले शुभ मुहूर्त, राहुकाल और भद्रा काल का विशेष ध्यान रखना आवश्यक माना जाता है।
राहुकाल में राखी बांधने से बचें, 28 अगस्त को रहेगा पर्व
महंत रोहित शास्त्री के अनुसार 28 अगस्त को सुबह 10:45 बजे से दोपहर 12:22 बजे तक राहुकाल रहेगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार राहुकाल के दौरान बहनों को अपने भाई की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधने से बचना चाहिए। इस निश्चित अवधि को छोड़कर बाकी समय में विधि-विधान से राखी बांधी जा सकती है।
भारत में नहीं दिखेगा चंद्र ग्रहण, सूतक काल मान्य नहीं
चंद्र ग्रहण को लेकर फैली भ्रांतियों पर विराम लगाते हुए पंडित जी ने स्पष्ट किया कि यद्यपि इस दिन ग्रहण लग रहा है, लेकिन यह भारत में दिखाई नहीं देगा। इस कारण मंदिरों के कपाट बंद नहीं होंगे और न ही गर्भवती महिलाओं को किसी तरह के भ्रम या नियम में पड़ने की जरूरत है।