Shimla News: भारतीय जनता पार्टी के मुख्य प्रवक्ता और सुंदरनगर से विधायक राकेश जमवाल ने कांग्रेस पर बड़ा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को पेपर लीक मुद्दे पर बोलने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है। कांग्रेस परीक्षा प्रणाली के नाम पर केवल राजनीतिक नौटंकी कर रही है।
राकेश जमवाल ने कहा कि जब भी प्रदेश में कांग्रेस सत्ता में रही, तब-तब भर्ती प्रक्रियाओं पर सवाल उठे हैं। दूसरों पर आरोप लगाने से पहले कांग्रेस को अपने शासनकाल का हिसाब देना चाहिए। उन्होंने वर्ष 2006 के सीपीएमटी पेपर लीक कांड को याद दिलाते हुए इसे युवाओं के लिए काला अध्याय बताया।
राकेश जमवाल ने याद दिलाया 2006 का सीपीएमटी पेपर लीक मामला
भाजपा नेता ने कहा कि 2006 में लखनऊ की प्रिंटिंग प्रेस से पेपर लीक हुआ था। इसके तार अंतरराज्यीय नेटवर्क से जुड़े थे और हाई कोर्ट के आदेश पर दोबारा परीक्षा हुई थी। दो दशक बाद भी मामला खत्म नहीं हुआ है। कांग्रेस को बताना चाहिए कि उस समय छात्रों के साथ हुए अन्याय की जिम्मेदारी किसकी थी।
उन्होंने आगे कहा कि 11 दिसंबर 2022 को कांग्रेस सरकार के आते ही महज 20 दिनों में जेओएआईटी का पेपर लीक हो गया। 23 दिसंबर को मामला सामने आया और 25 दिसंबर की परीक्षा रद्द करनी पड़ी। बाद में कई अनियमितताएं मिलने पर कर्मचारी चयन आयोग को भंग करना पड़ा, जो बड़ा भर्ती विवाद बना।
राकेश जमवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार युवाओं के हितों के लिए हमेशा प्रतिबद्ध है। केंद्र सरकार ने पेपर लीक रोकने के लिए कड़ा कानून बनाया है, जिसमें भारी जुर्माने और सख्त सजा का प्रावधान है। प्रदेश का युवा अब कांग्रेस की राजनीति को अच्छे से समझ चुका है।