Shimla News: हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने सेब उत्पादकों और पशुपालकों को बड़ी राहत दी है। शिमला के रोहड़ू स्थित चिड़गांव में एक जनसभा के दौरान उन्होंने सेब का मंडी मध्यस्थता योजना (एमआईएस) मूल्य और दूध का न्यूनतम समर्थन मूल्य बढ़ाने का महत्वपूर्ण ऐलान किया।
राज्य सरकार ने एमआईएस के तहत सेब की सरकारी खरीद दर 12 रुपये से बढ़ाकर 13 रुपये प्रति किलोग्राम कर दी है। मुख्यमंत्री ने बताया कि इस फैसले का सीधा फायदा सेब सीजन के दौरान राज्य के सभी बागवानों को मिलेगा। सरकार बागवानों की आय बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है।
सरकार इससे पहले भी बागवानों के हित में यूनिवर्सल कार्टन व्यवस्था लागू करने का वादा कर चुकी है। मुख्यमंत्री के अनुसार, इन योजनाओं का मुख्य उद्देश्य प्रदेश के ग्रामीण इलाकों की अर्थव्यवस्था को मजबूती देना है। इससे बागवानों और किसानों का जीवन स्तर सुधरेगा तथा उन्हें उपज का सही मूल्य मिलेगा।
पशुपालकों के लिए मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि 1 दिसंबर से दूध के समर्थन मूल्य में वृद्धि की जाएगी। दूध का खरीद मूल्य 51 रुपये से बढ़ाकर 61 रुपये प्रति लीटर किया जाएगा। यह 10 रुपये प्रति लीटर की सीधी बढ़ोतरी दूध उत्पादक किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत करेगी।
चिड़गांव में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने क्षेत्र के लिए कई महत्वपूर्ण सौगातें दीं। उन्होंने संदासू के अस्पताल को अपग्रेड करने, समरकोट में सब-तहसील खोलने और चिड़गांव में एसडीएम दफ्तर का सर्वे कराने का आदेश दिया। जांगला और चिड़गांव के सरकारी स्कूलों को सीबीएसई से जोड़ा जाएगा।
मुख्यमंत्री ने इस दौरान रोहड़ू क्षेत्र में 182.87 करोड़ रुपये की लागत वाली 61 विकास योजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास भी किया। सेब और दूध की कीमतों में बढ़ोतरी से राज्य के कृषि और पशुपालन क्षेत्र से जुड़े लाखों परिवारों को बड़ा लाभ पहुंचने की उम्मीद है।