Shimla News: हिमाचल प्रदेश के वरिष्ठ बीजेपी नेता राजेंद्र राणा ने राज्य की कांग्रेस सरकार पर करारा प्रहार किया है। उन्होंने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू पर तीखा तंज कसते हुए आरोप लगाया कि उन्होंने राज्य के राजनीतिक इतिहास में पांच अवांछित रिकॉर्ड बनाए हैं। राणा ने दावा किया कि प्रदेश को चुनी हुई सरकार के बजाय एक सिंडिकेट चला रहा है।
शिमला में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बीजेपी नेता राजेंद्र राणा ने कहा कि राज्य के पूर्व मुख्यमंत्रियों को उनके द्वारा किए गए विकास कार्यों के लिए जाना जाता है। इसके विपरीत वर्तमान कांग्रेस सरकार को केवल बढ़ते कर्ज, खराब गवर्नेंस और राजनीतिक बदले की कार्रवाई के लिए याद रखा जाएगा। उन्होंने राज्य में प्रशासनिक व्यवस्था पर भी सवाल उठाए।
राणा ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि हिमाचल के इतिहास में हर मुख्यमंत्री ने सड़कों, पानी और इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास में योगदान दिया है। लेकिन सुक्खू सरकार ने सबसे ज्यादा झूठ बोलने, रिकॉर्ड कर्ज लेने और अपने चहेतों को फायदा पहुंचाने के खिताब हासिल किए हैं। उन्होंने कहा कि आज राज्य में संवैधानिक संस्थाओं को नजरअंदाज कर फैसले लिए जा रहे हैं।
एएनआई से बातचीत में राजेंद्र राणा ने आरोप लगाया कि राज्य में सरकार नहीं बल्कि एक मजबूत सिंडिकेट काम कर रहा है। इस नेटवर्क के माध्यम से भ्रष्टाचार बढ़ रहा है और हिमाचल का सौदा हो रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार के एजेंट हर जगह सक्रिय हैं और प्रदेश की जनता परेशान है। समाज का कोई भी वर्ग इस सरकार से खुश नहीं है।
राज्य के वित्तीय प्रबंधन पर सवाल उठाते हुए राणा ने कहा कि 1971 से 2022 तक 51 वर्षों में बारह सरकारों ने कुल ₹68,000 करोड़ का कर्ज लिया था। वहीं मौजूदा सरकार ने चार साल से कम समय में ही ₹44,600 करोड़ का भारी कर्ज ले लिया है। कर्ज लगातार बढ़ रहा है, फिर भी सड़कें खराब हैं और जरूरी जन-सुविधाएं बदतर हो गई हैं।