Delhi News: दिल्ली में प्रस्तावित ‘लहरा दो तिरंगा’ मार्च से पहले हिरासत में लिए गए एक्टिविस्ट अभिजीत दिपके को लेकर सियासी तनाव बढ़ गया है। कॉकरोच जनता पार्टी का आरोप है कि आठ घंटे बीत जाने के बाद भी पुलिस ने दिपके की लोकेशन और हिरासत की आधिकारिक वजह साझा नहीं की है।
पार्टी के राष्ट्रीय संगठन प्रभारी अजिंक्य शिंदे ने बताया कि प्रतिनिधिमंडल जानकारी लेने संसद मार्ग थाने पहुंचा था। वहां पुलिस अधिकारियों ने दिपके के मौजूद होने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि न तो वकीलों को मिलने दिया जा रहा है और न ही टीम से बातचीत की अनुमति दी गई है।
प्रिवेंटिव डिटेंशन के तहत कार्रवाई का दावा, रिहाई की मांग तेज
एनसीपी (शरदचंद्र पवार) के प्रवक्ता अनीश गवांडे ने दावा किया कि यह पूरी कार्रवाई एहतियाती हिरासत (प्रिवेंटिव डिटेंशन) के तहत की गई है। उन्होंने कहा कि दिपके ने किसी कानून का उल्लंघन नहीं किया था। वह सिर्फ राष्ट्रीय ध्वज लेकर चल रहे थे, इसलिए प्रशासन को उन्हें तुरंत रिहा करना चाहिए।
दिल्ली पुलिस ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 लागू कर नई दिल्ली स्थित आवास से यह कार्रवाई की थी। मतदाता सूची विवाद को लेकर प्रस्तावित मार्च से पहले आइसा अध्यक्ष नेहा बोरा समेत करीब 150 से अधिक प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेकर कनॉट प्लेस क्षेत्र छावनी में बदल दिया गया।
