Delhi News: भारतीय वायुसेना के लड़ाकू विमान राफेल पर सवाल उठाने वाले पूर्व फ्रांसीसी नौसेना पायलट पियरे हेनरी चूएट पर चीन के लिए जासूसी करने का गंभीर आरोप लगा है। फ्रांसीसी सुरक्षा एजेंसियों ने खुफिया जानकारी लीक करने के मामले में उन्हें पेरिस में हिरासत में ले लिया है|
इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक पियरे पर विदेशी ताकत को गुप्त जानकारियां देने, राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े राज उजागर करने और देशहित की चीजें चोरी करने के आरोप तय किए गए हैं। फ्रांसीसी खुफिया एजेंसी डीजीएसआई (DGSI) उनके खिलाफ गहन जांच कर रही है।
राफेल के खिलाफ फैलाया झूठ और की चीनी तकनीक की तारीफ
भारत द्वारा मई 2025 में चलाए गए ऑपरेशन सिंदूर के दौरान हेनरी ने यूट्यूब पर कई फर्जी वीडियो अपलोड किए थे। उसने झूठा दावा किया था कि पाकिस्तानी वायुसेना के चीनी लड़ाकू विमान J-10C ने भारत के एक राफेल को मार गिराया है।
हेनरी ने चीनी विमानों J-10C, JF-17 और PL-15 मिसाइल को राफेल किलर बताते हुए चीनी सैन्य तकनीक का प्रचार किया था। हालांकि, भारतीय वायुसेना और डसॉल्ट एविएशन ने इन दावों को पूरी तरह खारिज किया था। जून 2026 में बेड़े में पूरे 36 राफेल सुरक्षित पाए गए।
नौसेना में रहते हुए बिना बताए कीं चीन की गुप्त यात्राएं
जांच में सामने आया है कि हेनरी ने 2018 और 2019 में फ्रांसीसी नौसेना में सेवा के दौरान बिना जानकारी दिए चीन की दो गुप्त यात्राएं की थीं। आरोप है कि उसने दक्षिण अफ्रीकी फ्लाइंग स्कूल के जरिए चीनी सेना के पायलटों को गुप्त ट्रेनिंग दी।
चीन द्वारा पश्चिमी देशों के पूर्व लड़ाकू पायलटों को लुभाने का यह पहला मामला नहीं है। फरवरी 2026 में अमेरिका ने भी एक पूर्व F-35 पायलट को गिरफ्तार किया था। अमेरिका, ब्रिटेन, कनाडा और ऑस्ट्रेलिया ने पहले ही चीन के इस तरह के नेटवर्क को लेकर अलर्ट जारी किया हुआ है|