Delhi News: भारत ने ब्लैक सी में मर्चेंट जहाजों और भारतीय नाविकों पर हो रहे हमलों को लेकर बेहद कड़ा रुख अपनाया है। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने यूक्रेनी समकक्ष एंड्री सिबिहा से फोन पर बात कर स्पष्ट कर दिया कि कमर्शियल जहाजों पर किसी भी पक्ष द्वारा हमले पूरी तरह से अस्वीकार्य हैं।
विदेश मंत्री एस जयशंकर और यूक्रेनी विदेश मंत्री एंड्री सिबिहा के बीच हुई इस बातचीत में रूस-यूक्रेन संघर्ष और शांति वार्ता पर विस्तृत चर्चा हुई। यूक्रेन काफी समय से भारतीय विदेश मंत्री से संपर्क करने का प्रयास कर रहा था। हालिया हमलों के बाद दोनों नेताओं के बीच यह अहम बातचीत संपन्न हुई है।
ब्लैक सी हमलों में भारतीय नाविकों की मौत पर जताई चिंता
हाल ही में ब्लैक सी में विदेशी जहाजों पर हुए हमलों में पांच भारतीय नाविकों की मौत हो चुकी है और दो लापता हैं। इसके अलावा यूक्रेन के चोर्नोमोर्स्क पोर्ट पर रूसी हमलों के कारण 13 भारतीय नाविक फंसे हुए हैं। भारत ने इस घटनाक्रम पर बेहद गंभीर चिंता व्यक्त की है।
जयशंकर ने सोशल मीडिया पर बताया कि किसी भी पक्ष द्वारा कमर्शियल जहाजों पर हमले स्वीकार नहीं किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि वैश्विक संघर्षों का सीधा असर फ्यूल, फर्टिलाइजर और खाद्य सुरक्षा पर पड़ रहा है। इस अनिश्चितता का सबसे बड़ा नुकसान ग्लोबल साउथ के देशों को उठाना पड़ रहा है।
यूक्रेन ने भारत से शांति प्रयासों में मांगी मदद
यूक्रेनी विदेश मंत्री सिबिहा ने जयशंकर को शांति वार्ता और राष्ट्रपति जेलेंस्की की अमेरिकी यात्रा के नतीजों की जानकारी दी। सिबिहा ने भारत से शांति प्रक्रियाओं में सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की। उन्होंने आरोप लगाया कि मर्चेंट शिपिंग पर हमले करके रूस वैश्विक खाद्य और ऊर्जा सुरक्षा को खतरे में डाल रहा है।
जयशंकर ने दोहराया कि भारत हमेशा विवादों को कूटनीति और बातचीत के जरिए सुलझाने के पक्ष में रहा है। भारत ने रूस की सीधे तौर पर आलोचना न करते हुए भी दोनों देशों से शांति की अपील की है। यूक्रेन लगातार मांग कर रहा है कि भारत रूस के साथ अपने संबंधों का इस्तेमाल करे।