New Delhi News: पाकिस्तान के कानून एवं न्याय मंत्री आजम नजीर तरार ने भारत के साथ द्विपक्षीय बातचीत की वकालत करते हुए कहा कि युद्ध किसी समस्या का हल नहीं है। विश्व बैंक की बैठक के दौरान उन्होंने सिंधु जल संधि और आतंकवाद सहित लंबे समय से चले आ रहे विवादों को सुलझाने के लिए कूटनीतिक संवाद पर जोर दिया।
पाकिस्तान के कानून एवं न्याय मंत्री आजम नजीर तरार ने भारत और पाकिस्तान के बीच लंबित विवादों को सुलझाने के लिए बातचीत का रास्ता अपनाने की बात कही है। उन्होंने कहा कि युद्ध और सैन्य बल का प्रयोग किसी समस्या का समाधान नहीं हो सकता। विश्व बैंक की एक बैठक में शामिल होने पहुंचे तरार ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में कहा कि दोनों देशों को आपसी मतभेद दूर करने के लिए संवाद स्थापित करना चाहिए।
सिंधु जल संधि पर स्थायी समाधान की अपील
सिंधु जल संधि से जुड़े सवाल पर पाकिस्तानी मंत्री ने कहा कि वर्ष 1960 में हुआ यह समझौता अपने आप में बेहद अहम रहा है। 1965 और 1971 के युद्ध तथा 1999 के कारगिल संघर्ष के दौरान भी यह संधि प्रभावी रही और दोनों देशों के बीच जल से संबंधित आंकड़ों का आदान-प्रदान जारी रहा।
तरार ने कहा कि दुर्भाग्य से अब इस संधि को लेकर परिस्थितियां बदल गई हैं। पाकिस्तान इस मामले पर लगातार वार्ता की मांग करता रहा है और इसे विश्व बैंक के समक्ष भी उठाया गया है। उन्होंने कहा कि पानी जीवन का आधार है और अंतरराष्ट्रीय नियमों के तहत निचले तटवर्ती क्षेत्रों के अधिकारों का ध्यान रखा जाना चाहिए। दोनों देशों को मिलकर इस मुद्दे का स्थायी समाधान तलाशना चाहिए।
आबादी और परमाणु शक्ति का दिया हवाला
पाकिस्तानी कानून मंत्री ने कहा कि दोनों देशों की संयुक्त आबादी 170 करोड़ से अधिक है। दोनों ही देश परमाणु शक्ति संपन्न हैं, इसलिए इस क्षेत्र में शांति और सह-अस्तित्व की आवश्यकता अधिक बढ़ जाती है। यूरोपीय देशों का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि लंबे समय तक चले युद्धों और आपसी शत्रुता के बाद भी यूरोप आज शांतिपूर्ण ढंग से रह रहा है, जिससे दोनों पक्षों को सीख लेनी चाहिए।
उन्होंने दोनों देशों की सामाजिक और सांस्कृतिक समानताओं का उल्लेख करते हुए कहा कि खानपान और परंपराओं में कई समानताएं हैं, हालांकि कश्मीर जैसे राजनीतिक मुद्दों का द्विपक्षीय संबंधों पर सीधा असर पड़ता है। उन्होंने कहा कि सरकारों को भावी पीढ़ियों के हितों को ध्यान में रखकर निर्णय लेने चाहिए।
आतंकवाद के मुद्दे पर आरोप-प्रत्यारोप से बचने का दावा
आतंकवाद के मुद्दे पर बोलते हुए आजम नजीर तरार ने दावा किया कि पाकिस्तान स्वयं दशकों से आतंकवाद की मार झेल रहा है। उन्होंने कहा कि आरोप-प्रत्यारोप से कोई सकारात्मक परिणाम नहीं निकल सकता, बल्कि दोनों देशों को साथ बैठकर मुद्दों की पहचान करनी चाहिए।
हालांकि, सीमा पार आतंकवाद के समर्थन के आरोपों पर उन्होंने पाकिस्तान की भूमिका से इनकार किया और बलूचिस्तान व खैबर पख्तूनख्वा में हो रही हिंसा का हवाला दिया। उन्होंने कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम करने के कूटनीतिक प्रयासों में भी पाकिस्तान ने भूमिका निभाई है और वह क्षेत्रीय व वैश्विक शांति के लिए बातचीत के पक्ष में है। तरार ने दोहराया कि अतिवादी रुख अपनाने के बजाय तार्किक संवाद के जरिए ही समाधान संभव है।