Alipurduar News: भूटान में ग्लेशियल झील फटने की चेतावनी के बाद पश्चिम बंगाल के अलीपुरद्वार जिले में संकोश नदी किनारे बसे गांवों से 1200 से अधिक लोगों को सुरक्षित निकाला गया है।
भूटान में ग्लेशियल झील के फटने (GLOF) की गंभीर चेतावनी के बाद पश्चिम बंगाल के सीमावर्ती अलीपुरद्वार जिले में भारी अफरा-तफरी मच गई। संभावित बाढ़ के खतरे को देखते हुए प्रशासन और स्थानीय ग्रामीणों ने तत्परता दिखाते हुए गुरुवार शाम महज 30 मिनट के भीतर करीब 1,200 से 1,500 लोगों को सुरक्षित स्थानों और आपातकालीन आश्रय स्थलों में पहुंचाया। पड़ोसी जिले जलपाईगुड़ी को भी हाई अलर्ट पर रखा गया है।
भारत-भूटान सीमा पर संकोश नदी के किनारे बसे अंतिम गांव के ग्रामीणों ने बताया कि भूटान में रहने वाले रिश्तेदारों से जलस्तर बढ़ने की पहली सूचना मिलते ही गांव के व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए सभी को सतर्क किया गया। इसके बाद महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को तुरंत पड़ोसी सुरक्षित गांवों में भेजा गया।
संकोश नदी में बहकर आईं मृत मछलियां, पानी हुआ काला
बाढ़ के खतरे के बीच शुक्रवार देर रात संकोश नदी का पानी अचानक मटमैला और काले रंग में बदल गया। शनिवार सुबह नदी में भूटान की तरफ से बड़ी संख्या में मृत मछलियां बहती नजर आईं, जिससे स्थानीय निवासियों में दहशत फैल गई। शनिवार तड़के कई स्थानीय युवा नदी किनारे मृत मछलियां उठाते देखे गए। हालांकि फिलहाल नदी का जलस्तर सामान्य बना हुआ है, लेकिन नदी में मलबे और मृत मछलियों की भारी मौजूदगी से पर्यावरण और स्वास्थ्य संबंधी चिंताएं बढ़ गई हैं।
ग्रामीणों में अब भी फ्लैश फ्लड का खौफ बरकरार
सुरक्षित निकाले गए ग्रामीण विवेक छेत्री, विकास थापा और विनोद कुमार ने बताया कि भले ही आपातकालीन निकासी से जान का नुकसान टल गया है, लेकिन झील में दरार पड़ने की आशंका से ग्रामीण अभी भी सहमे हुए हैं। पूर्व में नेपाल में आई तबाही का हवाला देते हुए ग्रामीणों का कहना है कि वे लगातार अलर्ट मोड में हैं। प्रशासन सीमावर्ती इलाकों और नदी के बहाव की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।