Shimla News: हिमाचल प्रदेश के सरकारी विभागों, बोर्डों और निगमों में 1.07 लाख से अधिक पद खाली पड़े हैं। राज्य में कुल 3,49,449 स्वीकृत पदों में से 2,36,547 पदों पर ही कर्मचारी कार्यरत हैं, जबकि 1,07,914 पद रिक्त हैं। यानी करीब 30.9 प्रतिशत पद खाली और 67.7 प्रतिशत भरे हैं।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने भाजपा विधायक जीतराम कटवाल के सवाल के लिखित जवाब में विधानसभा में यह डेटा पेश किया। आंकड़ों के अनुसार खाली सीटों के मामले में लोक निर्माण विभाग सबसे आगे है। यहां कुल 40,653 स्वीकृत पदों में से 19,881 भरे हैं और 20,772 पद पूरी तरह खाली पड़े हैं।
शिक्षा और ऊर्जा सेक्टर में भी भारी कमी है। स्कूल शिक्षा में 96,042 स्वीकृत पदों में 75,804 भरे और 15,210 रिक्त हैं। बिजली बोर्ड में 24,603 स्वीकृत पदों में 12,993 भरे और 11,610 खाली हैं। उच्चतर शिक्षा में 24,682 में 6,961 पद और जल शक्ति विभाग में 22,653 पदों में 4,414 पद रिक्त चल रहे हैं।
पुलिस और तकनीकी शिक्षा विभाग का स्टाफ भी कम है। पुलिस में 20,418 स्वीकृत पदों में 16,520 भरे और 3,898 खाली हैं। तकनीकी शिक्षा में 5,125 में 2,506 और वन विभाग में 7,985 में 2,217 पद रिक्त हैं। पशुपालन विभाग में 2,090 और कृषि विभाग में 2,983 पदों में से 1,647 पद खाली पड़े हैं।
अन्य छोटे महकमों में भी भर्तियां रुकी हुई हैं। महिला एवं बाल विकास में 579, एचपीपीटीसीएल में 202, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड में 132 और निर्वाचन विभाग में 93 पद खाली हैं। सांख्यिकी में 104, ऑडिट में 59, ट्रेजरी में 402, मत्स्य में 143, होमगार्ड में 273, फॉरेंसिक में 43, सामाजिक न्याय में 158 और शहरी विकास में 20 पद रिक्त हैं।