Shimla News: हिमाचल प्रदेश में 30 जून से 15 सितंबर तक मानसून ने भारी तबाही मचाई है। इस प्राकृतिक आपदा में कुल नुकसान का आकलन 3212.21 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। राज्य में बारिश और हादसों के कारण अब तक 296 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 520 लोग घायल हुए हैं।
मानसून के दौरान 131 मकान पूरी तरह जमींदोज हो गए और 502 घरों को आंशिक क्षति पहुंची है। प्राकृतिक आपदाओं से 119 लोगों की जान गई, जबकि 177 मौतें सड़क हादसों में हुईं। लोक निर्माण विभाग को सड़कों और पुलों के टूटने से 2744.67 करोड़ तथा जल शक्ति विभाग को 38.57 करोड़ का नुकसान हुआ।
बीते चौबीस घंटों में धर्मशाला में 75, कोठी में 36, सुंदरनगर में 30 और शिमला में 10 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई। राज्य में अभी भी 59 सड़कें ठप पड़ी हैं। इनमें मंडी जिले में 27 और कुल्लू में 12 मार्ग बंद हैं। इसके अलावा 11 पेयजल योजनाएं और 2 बिजली ट्रांसफार्मर भी प्रभावित हुए हैं।
मौसम विज्ञान केंद्र शिमला की रिपोर्ट के अनुसार अगले सात दिनों तक भारी बारिश की कोई आशंका नहीं है। हालांकि 16 और 17 सितंबर को कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा हो सकती है। इसके बाद 18 से 21 सितंबर तक मौसम आमतौर पर साफ रहने का अनुमान जताया गया है।
पिछले चौबीस घंटों में दिन के तापमान में दो से तीन डिग्री की कमी आई है। फिर भी अधिकतम तापमान सामान्य से दो से चार डिग्री ऊपर बना हुआ है। मंडी में सर्वाधिक 33.2 डिग्री तापमान दर्ज किया गया। शिमला में 24 डिग्री जबकि कुकुमसेरी में रात का न्यूनतम तापमान सबसे कम 8.8 डिग्री रहा।
