Sirmaur News: हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले में बदहाल सड़कों की दर्दनाक तस्वीर सामने आई है। नाहन विधानसभा क्षेत्र की धगेड़ा पंचायत में सड़क बंद होने के कारण ग्रामीणों को 80 वर्षीय बुजुर्ग महिला का शव डंडे से बांधकर छह किलोमीटर तक कंधे पर उठाकर ले जाना पड़ा। यह सड़क पिछले ढाई-तीन महीने से पूरी तरह बंद पड़ी है।
चंडीगढ़ पीजीआई में इलाज के दौरान बुजुर्ग महिला ने तोड़ा दम
टीना गुलरवाला गांव निवासी 80 वर्षीय परमा देवी काफी समय से बीमार चल रही थीं। शनिवार रात तबीयत बिगड़ने पर उन्हें पहले नाहन और फिर चंडीगढ़ पीजीआई रेफर किया गया था। रविवार तड़के इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। परिजन जब शव वाहन से लेकर गांव के मुख्य मार्ग तक पहुंचे, तो आगे रास्ता बंद मिला।
गांव तक जाने वाली करीब आठ किलोमीटर लंबी संपर्क सड़क बंद होने की वजह से वाहन आगे नहीं जा सके। इसके बाद मृतका के बेटे और ग्रामीणों ने मजबूरी में शव को डंडे से बांधा। ग्रामीणों ने पथरीले और उबड़-खाबड़ रास्तों पर छह किलोमीटर पैदल चलकर शव को गांव और फिर श्मशानघाट पहुंचाया, जहां अंतिम संस्कार हुआ।
सड़क बंद होने से मरीज बेहाल, मंडियों तक नहीं पहुंच पा रही फसलें
स्थानीय ग्रामीणों के मुताबिक वर्ष 2014 में बनी यह सड़क कई गांवों को मुख्य राष्ट्रीय राजमार्ग से जोड़ती है। बरसात के बाद से मार्ग बहाल न होने से लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी बुरी तरह प्रभावित हो रही है। बीमार मरीजों को अस्पताल पहुंचाना जंग जीतने जैसा हो गया है और किसानों की फसलें मंडियों तक नहीं पहुंच पा रही हैं।
पंचायत प्रधान नरेंद्र ने सड़क बंद होने की बात स्वीकारते हुए बताया कि संबंधित विभाग को इस समस्या से पहले ही अवगत कराया जा चुका है। जल्द ही मार्ग को बहाल करने का काम शुरू किया जाएगा। हालांकि महीनों से बंद पड़ी इस सड़क ने सरकारी दावों और जमीनी हकीकत के अंतर को उजागर कर दिया है।