Shimla News: संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में आयोजित महासभा के 81वें सत्र में हिमाचल प्रदेश से राज्यसभा सांसद प्रोफेसर सिकंदर कुमार ने 1.4 अरब भारतीयों का प्रतिनिधित्व किया। उच्चस्तरीय बैठक को संबोधित करते हुए उन्होंने डिजिटल टूल्स, पारदर्शी गवर्नेंस और कल्याणकारी नीतियों के दम पर देश के शहरी जीवन में आए बड़े बदलावों को प्रमुखता से रखा।
पीएम आवास और अमृत योजना का वैश्विक मंच पर उल्लेख
सांसद सिकंदर कुमार ने अंतरराष्ट्रीय कानून, समानता और शांति के प्रति भारत की मजबूत प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी, अमृत, स्वच्छ भारत मिशन और पीएम स्वनिधि जैसी योजनाओं का जिक्र किया। इन योजनाओं के सफल क्रियान्वयन से शहरी आवास, स्वच्छता और आजीविका की गुणवत्ता में बड़ा सुधार दर्ज किया गया है।
अल्प विकसित देशों के लिए दक्षिण-दक्षिण सहयोग पर जोर
वैश्विक मंच पर बोलते हुए उन्होंने जलवायु संकट, तकनीकी असमानता और कर्ज के बोझ पर गहरी चिंता जताई। प्रोफेसर सिकंदर ने दक्षिण-दक्षिण सहयोग के तहत 68 देशों को 32 अरब डॉलर से अधिक की लाइन ऑफ क्रेडिट, 13,000 से अधिक सालाना आईटीईसी ट्रेनिंग और 150 मिलियन डॉलर के इंडिया-यूएन फंड की साझेदारी का ब्योरा दिया।
कागजी वादों के बजाय जमीनी बदलाव पर दिया बल
प्रोफेसर सिकंदर कुमार ने स्पष्ट किया कि अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों की असली सफलता केवल कागजी घोषणाओं तक सीमित नहीं होनी चाहिए। इसकी वास्तविक कसौटी जमीनी स्तर पर दिखने वाले ठोस, मापने योग्य परिणाम और विभिन्न देशों की राष्ट्रीय प्राथमिकताओं का सम्मान है, जिससे अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति का जीवन बेहतर बन सके।