Vrindavan News: भारतीय क्रिकेटर विराट कोहली ने वृंदावन में प्रेमानंद महाराज के आश्रम जाने के लिए 5 करोड़ रुपये लेने के आरोप को सिरे से खारिज किया है। कोहली के प्रवक्ता ने एक आधिकारिक बयान जारी कर इन सभी दावों को पूरी तरह झूठा, बेबुनियाद और तथ्यात्मक रूप से गलत करार दिया है।
यह विवाद तब शुरू हुआ जब राधा केली कुंज आश्रम में एक शिष्य की संदिग्ध मौत हुई। इसके बाद श्रीकृष्ण जन्मभूमि संघर्ष न्यास के अध्यक्ष फलाहारी महाराज ने दावा किया कि आध्यात्मिक गुरु की लोकप्रियता बढ़ाने के लिए कोहली को आश्रम आने के वास्ते 5 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया था।
इन आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए कोहली की टीम ने कहा, ‘हम साफ तौर पर कहना चाहते हैं कि फलाहारी महाराज दिनेश शर्मा ने विराट कोहली के बारे में जो दावे किए हैं, वे पूरी तरह से झूठे, बेबुनियाद और तथ्यों के लिहाज से गलत हैं।’ टीम ने मामले में स्थिति साफ की।
बयान में आगे कहा गया, ‘विराट कोहली महाराज जी के प्रति अपनी गहरी आस्था और श्रद्धा के कारण प्रेमानंद महाराज जी से मिलने जाते हैं। हम इन दावों का पुरजोर खंडन करते हैं और मीडिया से अनुरोध है कि वो सावधानी बरतें, ऐसी बातों को रिपोर्ट करने या आगे बढ़ाने से पहले तथ्यों की जांच कर लें व जिम्मेदारी से रिपोर्टिंग करें।’
अब तक ऐसा कोई साक्ष्य सामने नहीं आया है, जिससे साबित हो सके कि क्रिकेटर और उनकी पत्नी अनुष्का शर्मा ने पैसे लिए थे। यह स्टार कपल नियमित रूप से आश्रम आता रहा है। दोनों ने पहली बार 4 जनवरी 2023 को यात्रा की थी। टी20 फॉर्मेट छोड़ने के बाद भी कोहली यहां लगातार आते रहे हैं।
आश्रम में यह विवाद 25 सितंबर को शिष्य रसिक दुलारी की मौत के बाद गहराया, जिन्होंने चौथी मंजिल से कूदकर जान दी थी। मथुरा पुलिस मामले की जांच कर रही है और पता लगा रही है कि क्या वह मानसिक तनाव या डिप्रेशन में थीं। पुलिस बर्ताव में आए बदलावों की भी पड़ताल कर रही है।
जांच टीम अब तक उनके पुराने मोबाइल फोन, नए सिम कार्ड, कॉल डिटेल्स और चैट रिकॉर्ड्स जैसे डिजिटल सबूत जुटा चुकी है। मामले की तह तक जाने के लिए आश्रम से जुड़े करीब 85 लोगों के बयान दर्ज किए जा चुके हैं। पुलिस हर पहलू की बारीकी से जांच कर रही है ताकि सच्चाई सामने आ सके।