Shimla News: हिमाचल प्रदेश के शिमला जिले में 1 से 24 जुलाई तक मॉनसून की तबाही ने 16 लोगों की जान ले ली है। भारी बारिश से मकानों और गोशालाओं को नुकसान पहुंचा है और लगभग 52.80 लाख रुपये की क्षति हुई है। आपदा प्रबंधन बैठक में अधिकारियों ने राहत कार्यों की समीक्षा की।
हर पंचायत में तैयार होंगे पांच प्रशिक्षित स्वयंसेवक
राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के उपाध्यक्ष दीपक राठौर ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता जान बचाना है। उन्होंने हर पंचायत में पांच लोगों को आपदा प्रबंधन का प्रशिक्षण देने के निर्देश दिए। त्वरित सूचना और सटीक लोकेशन के लिए एक नया मोबाइल ऐप भी जल्द लॉन्च किया जाएगा। इस पर मुख्यमंत्री से भी चर्चा होगी।
जिले में प्रभावित हुई 99 सड़कों में से 86 को दोबारा चालू कर दिया गया है। 136 में से 126 बिजली ट्रांसफॉर्मर और 62 में से 42 पेयजल योजनाएं बहाल हो चुकी हैं। पुलिस और होमगार्ड को आधुनिक बचाव उपकरण दिए गए हैं। आपातकालीन केंद्र को सैटेलाइट और आधुनिक संचार सुविधाओं से पूरी तरह लैस किया गया है।
‘आपदा सहनशील शिमला’ बनाने पर प्रशासन का जोर
उपायुक्त अनुपम कश्यप ने बताया कि प्रशासन शिमला को आपदा सहनशील बनाने पर काम कर रहा है। एडीएम ज्ञान सागर नेगी ने जानकारी दी कि 2025 में सामान्य से 94 प्रतिशत अधिक बारिश दर्ज हुई। जिले की 219 पंचायतों को आपात योजना में शामिल किया गया है और 550 आपदा मित्र तैयार किए गए हैं।