Shimla News: शिमला में शनिवार को नीट परीक्षा पेपर लीक मामले के खिलाफ सर्वदलीय कैंडल मार्च निकाला गया। मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व में आयोजित इस प्रदर्शन में विभिन्न राजनीतिक दलों और आम लोगों ने हिस्सा लिया। सीएम ने नीट विवाद में जान गंवाने वाले छात्रों के परिजनों को एक-एक करोड़ रुपये मुआवजा देने की मांग की।
यह कैंडल मार्च इंदिरा गांधी राज्य खेल परिसर से शुरू हुआ। प्रदर्शनकारी स्कैंडल प्वाइंट से होते हुए रिज मैदान पर महात्मा गांधी की प्रतिमा तक पहुंचे। इस दौरान कांग्रेस, सीपीआईएम, युवा कांग्रेस, एनएसयूआई और एसएफआई के कार्यकर्ताओं ने जमकर नारेबाजी की। अंत में मुख्यमंत्री ने सभी को संविधान की प्रस्तावना की शपथ भी दिलाई।
बीजेपी सरकार पर लगाए पेपर लीक के गंभीर आरोप
पत्रकारों से बातचीत में सीएम सुक्खू ने कहा कि हिमाचल की जनता दिल्ली में संघर्ष कर रहे युवाओं के साथ खड़ी है। उन्होंने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि बीजेपी शासित राज्यों में ही पेपर लीक की घटनाएं होती हैं। उन्होंने कहा कि हिमाचल में पूर्व बीजेपी सरकार के दौरान भी पुलिस भर्ती का पेपर लीक हुआ था।
सीएम ने कहा कि विपक्ष के नेता राहुल गांधी लगातार छात्रों की आवाज उठा रहे हैं। उन्होंने सीपीआईएम और जनता का धन्यवाद किया। इस मौके पर शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर, विधायक कुलदीप राठौर, संजय रतन, प्रदेश अध्यक्ष विनय कुमार, राकेश सिंघा, महापौर सुरेंद्र चौहान सहित कई वरिष्ठ नेता और गणमान्य लोग मौजूद रहे।