हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले में प्रधानमंत्री आवास योजना की वेटिंग लिस्ट पर उठे सवाल, 8 पंचायतों की जांच के आदेश

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Mandi News: हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले की आठ ग्राम पंचायतों में प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण की वेटिंग लिस्ट को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। ग्रामीणों की ओर से धांधली और अपात्रों के चयन की शिकायतें मिलने के बाद जिला प्रशासन ने विस्तृत जांच के निर्देश दिए हैं।

पीएम आवास योजना की वेटिंग लिस्ट में अनियमितता के आरोप

मंडी जिले के विभिन्न विकास खंडों में प्रधानमंत्री आवास योजना की प्राथमिकता सूची जारी होने के बाद स्थानीय लोगों में भारी असंतोष है। ग्रामीणों का आरोप है कि पक्के मकान और निजी वाहन वाले परिवारों को सूची में शामिल कर लिया गया है। वहीं कई बेहद गरीब और जरूरतमंद परिवार इस सरकारी लाभ से पूरी तरह वंचित रह गए हैं ।

प्रशासन ने आठ ग्राम पंचायतों की जांच के आदेश दिए

शिकायतों का कड़ा संज्ञान लेते हुए जिला विकास अधिकारी मंडी ने संबंधित खंड विकास अधिकारियों को विस्तृत जांच के आदेश दिए हैं। प्रशासन ने करसोग ब्लॉक की बालीधार, निहरी ब्लॉक की सोझा और बगीहण, गोहर ब्लॉक की बास्सा और शाला, धर्मपुर ब्लॉक की कुम्हारडा और बैरी तथा चुराग ब्लॉक की सवामाहूं पंचायत में पांच दिनों के भीतर भौतिक सत्यापन रिपोर्ट मांगी है ।

ग्रामीणों ने सरकार और अधिकारियों को भेजी लिखित शिकायतें

करसोग की बालीधार पंचायत के हितेंद्र शर्मा, निहरी की सोझा पंचायत की प्रेमा देवी, गोहर की बासा पंचायत के सोनू चौहान और राइट फाउंडेशन के नरेंद्र सिंह ने पक्के मकानों और फर्जी दस्तावेजों के साक्ष्य सौंपे हैं। इसके अलावा धर्मपुर की कुम्हारडा पंचायत के राजेश कुमार, बगीहण के बलदेव चंद और बैरी पंचायत के ग्रामीणों ने भी जांच की मांग की है।

जियो टैगिंग और भौतिक सत्यापन से सामने आएगा सच

जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सभी शिकायतों की फील्ड में जाकर निष्पक्ष जांच की जाएगी। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे हर घर का भौतिक सत्यापन करें और जियो टैगिंग रिकॉर्ड की बारीकी से जांच करें। यदि जांच में कोई अपात्र व्यक्ति पाया जाता है तो उसका नाम सूची से हटाकर असली हकदार को योजना का लाभ दिया जाएगा।

Right News Desk
Right News Desk
लॉ और पत्रकारिता स्नातक, पत्रकारिता में 11 वर्ष का अनुभव

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