Mandi News: हिमाचल प्रदेश में 545 करोड़ रुपये की लागत से बने मंडी-पधर नए नेशनल हाईवे की सुरक्षा दीवार का एक हिस्सा टांडू गांव के पास धंस गया है। हालांकि इससे मुख्य हाईवे को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है और सड़क पूरी तरह से सुरक्षित है। केवल हाईवे के बाहर बनी सुरक्षा दीवार क्षतिग्रस्त हुई है।
सोशल मीडिया पर धंसे हुए हिस्से के फोटो और वीडियो वायरल हो रहे हैं, जिससे हाईवे धंसने का भ्रम फैल रहा है। निर्माण कार्य कर रही गावर कंपनी के समन्वय अधिकारी संदीप वर्मा ने बताया कि हाईवे पूरी तरह सुरक्षित है। यह धंसाव करीब 15 दिनों से धीरे-धीरे हो रहा है और इसे स्वाभाविक लैंड सेटलमेंट माना जाता है।
लैंड सेटलमेंट पूरा होने के बाद शुरू होगा मरम्मत कार्य
संदीप वर्मा के अनुसार नए निर्माण स्थल पर पहली बरसात में जमीन का धंसना स्वाभाविक प्रक्रिया है। ऐसा सिर्फ एक जगह नहीं बल्कि कुछ अन्य स्थानों पर भी हो रहा है। कंपनी फिलहाल इस सेटलमेंट के रुकने का इंतजार कर रही है। प्रक्रिया पूरी होते ही तुरंत मरम्मत कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
उन्होंने स्पष्ट किया कि मंडी से पधर के बीच नव निर्मित हाईवे को कोई नुकसान नहीं हुआ है, सिर्फ इसके आसपास के हिस्से क्षतिग्रस्त हुए हैं। 545 करोड़ रुपये की लागत से बने 19 किलोमीटर लंबे इस स्ट्रैच पर केवल एक पुल का काम बाकी है।
पुल का निर्माण पूरा होते ही इस नए मार्ग को यातायात के लिए खोल दिया जाएगा। हालांकि इससे पहले एनएचएआई के निर्देशों के अनुसार सभी कमियों और खामियों को दूर किया जाएगा। सुरक्षा के सभी मानकों को पूरा करने के बाद ही हाईवे पर वाहनों की आवाजाही शुरू हो पाएगी।