मंडी अदालत का बड़ा फैसला, लोन न चुकाने पर डिफॉल्टरों की संपत्ति का कब्जा लेने के दिए सख्त निर्देश

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Mandi News: हिमाचल प्रदेश की मंडी अदालत ने लोन न चुकाने वाले डिफॉल्टरों पर बड़ा एक्शन लिया है। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की कोर्ट ने एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक की अर्जी स्वीकार कर ली है। अदालत ने बकायेदारों की गिरवी रखी संपत्ति पर कब्जा लेने का आदेश जारी किया है। प्रक्रिया पूरी करने के लिए रिसीवर भी नियुक्त किया गया है।

20 लाख रुपये से अधिक का लोन बकाया

कुल्लू के हाट गांव निवासी दलीप सिंह, सावित्री और गोपाल सिंह ने बैंक से लोन लिया था। इसके लिए उन्होंने मंडी जिले के धन्यारी स्थित अपनी संपत्ति गिरवी रखी थी। लोन न चुकाने पर बैंक ने 9 दिसंबर 2025 को खाते को एनपीए घोषित कर दिया। उस समय तक बकायेदारों पर कुल 20,26,276 रुपये की देनदारी बकाया थी।

पुलिस बल की मौजूदगी में होगी पूरी कार्रवाई

बैंक ने धारा 13(2) के तहत 60 दिन का नोटिस दिया था। इसके बाद भी कोई भुगतान न होने पर बैंक ने सरफेसी एक्ट की धारा 14 के तहत याचिका दायर की। अदालत ने अधिवक्ता अभिषेक लखनपाल को रिसीवर बनाया है। रिसीवर एक महीने के भीतर एडवांस नोटिस देकर पुलिस बल और महिला कांस्टेबल की मौजूदगी में भौतिक कब्जा लेंगे।

वीडियोग्राफी और राजस्व टीम की तैनाती के निर्देश

अदालत ने निर्देश दिया है कि संपत्ति का कब्जा लेने की पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी और फोटोग्राफी कराई जाए। इसके अलावा कोर्ट ने तहसीलदार सदर को आदेश दिए हैं कि वे जमीन की सही पहचान के लिए कानूनगो और पटवारी जैसे राजस्व अधिकारियों को मौके पर तैनात करें, ताकि पूरी कानूनी प्रक्रिया सुचारू और निष्पक्ष रूप से पूरी हो सके।

Right News Desk
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लॉ और पत्रकारिता स्नातक, पत्रकारिता में 11 वर्ष का अनुभव

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